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दो केबल बॉक्स डैमेज, आठ घंटे गुल रही 40 गांवों और कॉलोनियों की बिजली

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कलियर से रामनगर आ रही हाईटेंशन लाइन के दो केबल बॉक्स डैमेज होने से कलियर के साथ ही ब्रह्मपुर बिजलीघर की पूरी सप्लाई बंद हो गई। बिजलीघर बंद होने से ब्रह्मपुर से जुड़े करीब 40 गांव और 14 कालोनियों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। करीब आठ घंटे बिजली गुल रही। कई कालोनियों में बिजली नहीं होने से पानी की किल्लत भी हुई। शाम को बिजली सप्लाई शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कलियर से रामनगर आ रही हाईटेंशन लाइन पर अचानक लोड पड़ने से एक साथ तेज धमाके के साथ दो केबल बॉक्स डैमेज हो गए। ये लाइन कलियर बिजलीघर के साथ ही ब्रह्मपुर बिजलीघर पर जा रही है। केबल बॉक्स डैमेज होने से दोनों ही बिजलीघरों की सप्लाई ठप हो गई। ऐसे में ब्रह्मपुर बिजलीघर से जुड़े कान्हापुर, माजरा, गंगोत्रीपुरम, सैनीपुरम, मयूर विहार, शेरपुर, ब्रह्मपुर, मलकपुर 14 कालोनियों के साथ ही 40 गांवों की सप्लाई ठप हो गई। सुबह लोगों के कामकाज के बीच में ही बिजली गुल होने से लोगों के काम ठप हो गए। कुछ देर तक तो लोग बिजली सप्लाई शुरू होने का इंतजार करते रहे। बाद में अधिकारियों को फोन करके पूछने पर लोगों को केबल बॉक्स डैमेज होने की जानकारी मिली। ऐसे में दिनभर पूरे बिजलीघर की सप्लाई ठप रही। करीब आठ घंटे बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्षेत्रवासी अमित कश्यप, मेघराज, सुभाष सैनी, रतिराम, गोविंद, मोंटी, सरोज, सात्रिवी, अनुराधा धीमान, सेठपाल आदि का कहना है कि ब्रह्मपुर बिजलीघर से बिजली सप्लाई होने की समस्या रोज आने लगी है। आए दिन लाइन में फाल्ट आने और अन्य कारणों से बिजलीघर छह से से आठ घंटे बंद रहता है। उन्होंने विभाग को इस बिजलीघर की सप्लाई दुरुस्त करवाने की मांग की। इसके बाद शाम करीब सात बजे सप्लाई शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। एसडीओ अंबिका यादव ने बताया कि लाइन में केबल बॉक्स डैमेज होने से सप्लाई बंद हुई। शाम तक समस्या का हल करके सप्लाई शुरू कर दी गई थी।
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नहीं इस्तेमाल किया दूसरा विकल्प
ब्रह्मपुर बिजलीघर पर रामनगर और कलियर बिजलीघर से लाइनें आ रही है। आमतौर पर इस बिजलीघर पर कलियर से आ रही हाईटेंशन लाइन से सप्लाई चलती है। यदि किन्हीं कारणों से इस हाईटेंशन लाइन में कोई खामी आ जाए तो रामनगर वाली हाईटेंशन लाइन से सप्लाई शुरू कर दी जाती है लेकिन ऊर्जा निगम के अधिकारी अक्सर इस विकल्प का इस्तेमाल नहीं करते हैं। पहले भी कई बार इसी तरह की समस्या बिजलीघर पर आई। उस दौरान दूसरा विकल्प अपनाकर उपभोक्ताओं को राहत दी गई। अधिकारियों का मानना है कि इस विकल्प का इस्तेेमाल लंबी बिजली कटौती होने पर किया जाता है। मंगलवार को ये बिजलीघर आठ घंटे से भी ज्यादा बंद रहा। इसके बावजूद दूसरा विकल्प इस्तेमाल नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना था कि इस लाइन को ज्यादा समय चलाने पर लोड बढ़ने लगता है इसलिए इस विकल्प का इस्तेेमाल नहीं किया गया।
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