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यहां लगती है गांधी जी और आडवानी की %चौपाल%

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चुनाव की तारीख घोषित होते ही गांव-गांव में चौपाल सजने लगी है। रुड़की क्षेत्र में एक गांव ऐसा भी है, जहां रोजाना ‘गांधी जी’ और ‘आडवाणी’ की एक ही छत के नीचे रोजाना चौपाल लगती है। सुनने में यह अटपटा जरूर लगेगा, लेकिन यह सच है कि गांव और क्षेत्र के कई लोग इनकी चौपाल में हिस्सा लेते हैं।
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रुड़की से करीब सात किमी दूर स्थित तांशीपुर निवासी दो सगे भाई रजनीश त्यागी और संजय त्यागी की क्षेत्र में अलग पहचान है। लोग उन्हें असली नाम से कम बल्कि उपनाम गांधी जी और आडवाणी के नाम से ज्यादा जानते हैं। गांव के लोग रनजीश त्यागी को (आडवाणी जी) और संजय त्यागी को (गांधी जी) कहकर संबोधित करते हैं। दोनों भाई रोजाना घर के आंगन में चौपाल लगाते हैं, लेकिन खास बात यह है कि यहां आडवाणी की तरह गांधी जी कांग्रेसी नहीं बल्कि भाजपाई हैं।
इस समय रोजाना दोनों भाई घर के आंगन में ही चौपाल लगाकर राजनीति पर चर्चा करते हैं। संवाद की टीम उनके घर पहुंची तो दोनों भाइयों के साथ गांव के कई लोग चौपाल में शामिल थे और टीवी पर राजनीतिक खबरों को देखने में मशगूल थे। इस दौरान दोनों भाइयों से चुनाव को लेकर बातचीत की गई उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। उनका दावा है कि इस बार भी भाजपा की लहर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विधानसभा चुनावों में सभी राज्यों में भाजपा की सरकार बनेगी।
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संघ से पुराना नाता, बोल-चाल और रंग-ढंग भी खाता है मेल
रजनीश त्यागी और संजय त्यागी ने बताया कि वे दसवीं पास हैं। उन्हें गांव के लोगों ने ही आडवाणी और गांधी का नाम दिया है। चौपाल पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि दोनों भाई शुरू से ही संघ की विचारधारा से जुड़े हैं। उनकी बातों में गांधी के आदर्श और आडवाणी का हिंदुत्व झलकता है। चाल-ढाल और बोलचाल भी उनके उपनाम से मेल खाती है। इसके चलते बूढ़े से लेकर बच्चे तक उन्हें गांधी जी और आडवाणी जी के नाम से बुलाते हैं।
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