कम समय में रकम दो गुना करने और भारी मुनाफा देने का झांसा देकर एक निजी कंपनी ने उत्तराखंड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगा दी। ज्वालापुर स्थित कंपनी के संचालकों पर 8.5 लाख की धोखाधड़ी और गबन का आरोप लगा है। मंगलौर निवासी एक पीड़ित की शिकायत पर अब न्यायालय जेएम प्रथम रुड़की ने मामले का संज्ञान लिया है।
मंगलौर कस्बे के मोहल्ला टोली निवासी शादाब ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि ज्वालापुर सराय स्थित सेनेमी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों ने उन्हें अपने जाल में फंसाया। सितंबर 2024 में कंपनी के एजेंटों ने शादाब के घर आकर निवेश पर मोटा मुनाफा देने का दावा किया। इसके बाद शादाब ने 8.5 लाख रुपये का चेक कंपनी को दिया। कंपनी ने निवेशकों को 16 महीने तक कुल जमा राशि का 16 प्रतिशत हिस्सा हर महीने देने का वादा किया था।
शुरुआत के तीन महीने मोबाइल बैंकिंग के जरिये कुछ किश्तें भेजी गई ताकि निवेशकों का भरोसा जीता जा सके। इसके बाद कंपनी के प्रोपराइटर अमित कुमार गौतम, उसकी पत्नी वंदना और अन्य साथियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए व निवेशकों से संपर्क काट दिया। पीड़ित का आरोप है कि जब वह अन्य निवेशकों के साथ ज्वालापुर स्थित कंपनी के दफ्तर पहुंचा तो वहां मौजूद अमित, वंदना, अभिषेक, विजय, मुकर्रम और सोनू ने उनके साथ गाली-गलौज की।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इस गिरोह ने केवल उससे ही नहीं बल्कि असलम, उस्मान, गुलजार, विनित गुप्ता समेत जिले के 50 से अधिक लोगों से लाखों रुपये निवेश कराए हैं। अनुमान है कि कंपनी ने उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के जिलों में करीब 70 करोड़ रुपये की जालसाजी की है। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने सात अक्तूबर 2025 को मंगलौर कोतवाली और नौ को एसएसपी हरिद्वार को शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
हार मानकर अब पीड़ित ने न्यायालय से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। कोतवाल भगवान सिंह मेहर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी अमित कुमार गौतम, वंदना गौतम, अभिषेक, विजय, मुकर्रम और सोनू संचालक, एजेंट, सेनेमी कंसल्टिंग प्रा.लि. के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।