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Roorkee News: फर्जी प्रमाणपत्र से नियुक्ति के आरोप में शिक्षिका से शैक्षिक अभिलेख तलब

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फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति हासिल करने के आरोपों को लेकर शिक्षा विभाग ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) रुड़की ने संबंधित शिक्षिका को अपने सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के आदेश किए हैं। विभाग की ओर से दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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शिकायतकर्ता रहमतपुर के पूर्व ग्राम प्रधान पदम कुमार ने ब्लॉक रुड़की के रामनगर स्थित एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत शिक्षिका की नियुक्ति में फर्जी स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र लगाए जाने का आरोप लगाया था। मामले में शिकायतकर्ता ने उपशिक्षा अधिकारी, रुड़की को शिकायतपत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की थी।
पत्र में आरोप लगाया गया था कि शिक्षिका ने वर्ष 2006 में विभाग में नियुक्ति के समय स्थायी निवास प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उनकी नियुक्ति हुई। आरोप है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने पर पता चला कि शिक्षिका का विवाह वर्ष 1998 में मुजफ्फरनगर के निवासी से हुआ था। शिक्षिका की ओर से अपने आप को अविवाहित दर्शाकर वर्ष 2002 का उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाकर विभाग में प्रस्तुत किया गया था।
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पत्र में यह भी कहा गया था कि प्रमाणपत्र की जांच के लिए तहसील ज्वालापुर से सूचना मांगे जाने पर प्रमाणपत्र संख्या-137 किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज होने की जानकारी मिली थी। शिक्षिका का जाति प्रमाणपत्र उनके पति की जाति के आधार पर बनवाया गया और इसी के आधार पर शिक्षा विभाग में ओबीसी के तहत आरक्षण का लाभ लिया गया था। उन्हाेंने मामले में अधिकारियों से तत्काल जांच शुरू कर शिक्षिका को निलंबित करने की मांग की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए रुड़की खंड शिक्षा अधिकारी आकांक्षा राठौर ने शिक्षिका को शैक्षिक अभिलेख कार्यालय को प्रस्तुत करने के आदेश किए हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय सत्यापन के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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