विगत तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर आक्रोशित अशासकीय शिक्षकों ने उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन मुख्य शिक्षा अधिकारी को सौंपा। उन्होंने अविलंब वेतनग्रांट जारी करने और शिक्षकों को प्रतिमाह नियमित वेतन देने की मांग की है।
अशासकीय शिक्षकों ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में लगातार अनियमित रूप से वेतन प्राप्त हो रहा है। इससे शिक्षकों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। वेतन के भरोसे बैंकों से होम लोन, व्हीकल लोन और बच्चों के लिए एजूकेशन लोन आदि की ईएमआई समय पर नहीं चुका पा रहे हैं। अशासकीय शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिलने से अन्य नियमित खर्चे चलाने में भी परेशानी हो रही है। दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों में भारी आक्रोश है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के लिए दीपावली बोनस की भी घोषणा की है, लेकिन हरिद्वार जिले के कई अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को अभी तक पिछले वर्ष का दिवाली बोनस तक नहीं मिल पाया है। पिछली दीपावली के बोनस से वंचित शिक्षकों को उनका बोनस दिलवाने तथा इस वर्ष का दीपावली बोनस दीपावली से पूर्व ही दिलवाने की मांग की है। वहीं तुरंत वेतन जारी कराने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सैनी, जिला मंत्री जितेंद्र पुंडीर, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी, अरविंद कुमार, रामकुमार शर्मा, गीता रानी, शैली चौहान, रक्षपाल सिंह चौहान, गगनवीर सिंह, कृष्णा चंद जोशी, सुनील कटारिया, महावीर सिंह, आरिफ हुसैन, रजत बहूखंडी, कुंवरपाल सिंह चौहान, संचित कुमार शर्मा, सुनील चौहान, अश्वनी कुमार शर्मा, ओपी गौनियाल, जितेंद्र सिंह, रमेश चंद, भौपाल सिंह, मैनपाल सिंह, अविनाश शर्मा, राजेश कुमार, पारस चौधरी, प्रमोद कुमार आदि उपस्थित रहे।