फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल का समय बदला पर चिकित्सकों का नहीं

Thu, 02 Mar 2017 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय संयुक्त चिकित्सालय रुड़की में एक मार्च से अस्पताल का समय सुबह आठ बजे से दो बजे तक हो गया है, लेकिन अधिकांश चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी इससे बेपरवाह हैं। कारण कि वो पहले की तरह ही नौ बजे के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों की लेटलतीफी और कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है।
विज्ञापन


हर साल एक मार्च से सिविल अस्पताल का समय बदल जाता है। इसके तहत सुबह नौ बजे की जगह आठ बजे समय कर दिया जाता है, लेकिन फिलहाल इससे चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बेपरवाह हैं। यही कारण है कि फिलहाल चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर बदले हुए समय का असर नहीं दिख रहा है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। पहले ही संविदा पर तैनात चिकित्सकों का कार्यकाल खत्म होने से अस्पताल में डाक्टरों का टोटा बना हुआ है। यही नहीं कई चिकित्सक अवकाश पर चल रहे हैं। गिने चुने चिकित्सक ही ओपीडी में बैठ रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी मात्र चार चिकित्सकों की ही ओपीडी रही, जबकि अस्पताल में सीएमएस के अलावा दस अन्य चिकित्सकों की तैनाती है।

इसके अलावा पांच संविदा पर तैनात चिकित्सक थे, जिनका कार्यकाल 28 फरवरी को पूरा हो गया। अब रिन्यूवल के इंतजार में वे अस्पताल नहीं आ रहे हैं। इससे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यहीं नहीं चिकित्सक के अभाव में अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन भी ठप पड़ी है, जिससे जांच और उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में अस्पताल के सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि हर साल एक मार्च से अस्पताल का समय बदल जाता है। यही सभी को जानकारी है। यही कारण है कि इसबार इस संबंध में फिलहाल निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को निर्देश जारी कर सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि संविदा चिकित्सकों की दुबारा से तैनाती के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर आ सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें