नैनीताल हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनीष अरोड़ा की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मृतका के परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं जिसके चलते परिजनों ने मृतका के दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की। जिलाधिकारी हरिद्वार के आदेश पर पोस्टमार्टम दोबारा कराया जा रहा है।
आजादनगर निवासी अधिवक्ता मनीष अरोड़ा नैनीताल हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। उनकी पत्नी पद्मिनी निवासी अधोईवाला देहरादून की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पद्मिनी बुधवार को ही पति के पास नैनीताल गई थी। मृत्यु के बाद अधिवक्ता मनीष अरोड़ा पत्नी के शव को रुड़की लाए।
पद्मिनी के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जानकारी पुलिस को दी और शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक पर सवाल उठाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इसको लेकर परिजन जिलाधिकारी हरिद्वार से मिले। जिलाधिकारी हरिद्वार ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराए जाने के आदेश दिए। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जवाहर लाल ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश
पर मृतका पद्मिनी का पोस्टमार्टम दोबारा कराया जा रहा है। सीएमएस डा. संजय कंसल ने बताया कि पहला पोस्टमार्टम डा. एनडी अरोड़ा ने किया था।