पैसों पर हुए विवाद के बाद मौके पर बिखरा सामान
- फोटो : amarujala
रोटी के रुपयों को लेकर होटलकर्मी और मोहल्ले के एक ग्राहक में विवाद हो गया। सूचना पर ग्राहक के साथी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई। ग्राहक पक्ष के दो साथी बुरी तरह घायल होने पर शहर में हिंदू-मुस्लिम विवाद की खबर फैल गई। हिंदू संगठन के लोगों ने विवाद के विरोध में मुख्य बाजार और सिविल लाइंस बाजार बंद करा दिया।
इससे शहर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इसी बीच पुलिस ने बाजार बंद करा रहे हिंदू नेताओं को हिरासत में लिया और कोतवाली पहुंच जैसेतैसे शांत कराया। देर शाम पुलिस ने बाजार खुलवाकर चेतावनी जारी कि माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एहतियातन बाजार में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कोतवाली रुड़की अंतर्गत सती मोहल्ला स्थित बादशाह होटल में शुक्रवार शाम करीब चार बजे मतीन पुत्र हबीब रोटी लेने गया था। होटल कर्मी रोटी की एवज में 75 रुपये मांग रहा था। जबकि मतीन का कहना था कि रोटी 50 रुपये की है। इसी बात को लेकर उसकी नोंकझोंक होटल कर्मियों से हो गई। मतीन ने यह बात अपने दोस्त अशोक, दीपक, जमाल को बताई। जानकारी मिलते ही मतीन के साथ तीनों साथी होटल में पहुंचे। इसी बीच मतीन के पक्ष में अन्य युवा भी पहुंच गए।
इनकी होटलकर्मियों से नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते नोकझोंक मारपीट में बदल गई। होटल कर्मी चांद, नदीम समेत अन्य कर्मियों ने युवकों के साथ मारपीट कर दी। इसमें मतीन पक्ष के मोंटू और दीपक को गंभीर चोटें आई। होटल में मारपीट की सूचना पर सीओ रुड़की कुलदीप सिंह असवाल, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह भदौरिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे-तैसे पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। दोनों घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर यहां से दोनों युवकों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने शहर में हिंदू-मुस्लिम विवाद की खबर फैला दी। उसके तुरंत बाद मेन बाजार में एक-एक कर दुकानों के शटर गिरने लग गए। देखते ही देखते कुछ मिनटों में ही पूरी मार्केट बंद हो गई।
भनक लगते ही हिंदू संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए। इन्होंने मेन बाजार के साथ सिविल लाइंस भी बंद कराना शुरू कर दिया। इसी बीच सीओ कुलदीप सिंह असवाल मौके पर पहुंचे और बाजार बंद करवा रहे हिंदू संगठन के नेता चंद्र प्रकाश बाटा को अपने साथ कोतवाली लेकर पहुंची। सीओ ने संगठनों के लोगों को बताया कि मामला हिंदू-मुस्लिम का नहीं है। केवल रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ है। मारपीट करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। तब जाकर पूरा मामला शांत हुआ।