शहर से देहात तक मंगलवार को गंगा दशहरे की धूम रही। विभिन्न संगठनों और संस्थाओं ने जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर गंगा दशहरे का महात्म्य बताया। मंदिरों में हवन-यज्ञ कर लोगों ने गंगा आरती कर गंगा स्वच्छता का संकल्प लिया।
सुबह श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में हवन और आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पंडित राम गोपाल पाराशर ने गंगा दशहरा का महात्म्य बताते हुए कहा कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी निर्जला एकादशी कहलाती है। इसके व्रत में फल तो बहुत दूर पानी तक ग्रहण नहीं किया जाने का विधान है। वर्ष की अन्य एकादशियों से इसका महत्व कई गुणा ज्यादा है। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष सुभाष सरीन, रामराज, किशन लाल बतरा, डा. शिवचंद्र तनेजा, नेरश अरोरा, शिव कुमार, आशीष और विकास आदि उपस्थित रहे।
प्राचीन शिव मंदिर स्थित शिव सेना कार्यालय में शिव सैनिकों ने मां गंगा को साफ रखने का संकल्प लिया। इस दौरान शिव सेना के प्रदेश सचिव जगमोहन पटवा ने कहा कि गंगा को साफ रखना किसी एक का नहीं बल्कि सभी धर्म, जाति और समुदाय के लोगों का कर्तव्य है। इस अवसर पर कमल मित्तल, सचिन पटवा, जयपाल राणा, पंकज सैनी, लवी, किशन सोनकर और अजय राठौर आदि उपस्थित रहे।
श्री शिव शक्ति सांई सेवादल ने रुड़की टॉकिज चौराहे पर छबील लगाकर लोगों को ठंडा-मीठा शर्बत पिलाया। भीषण गर्मी में लोगों ने चाव से शर्बत पीकर राहत की सांस ली। इस अवसर पर सेवादल के अध्यक्ष अमित यादव, पार्षद किरण भाटिया, बेबी खन्ना, शमा साबरीन, आदेश सैनी, सुभाष सैनी, राजकुमार वर्मा, जवाहर लाल, हरदेवा राय वाल्मीकि, अंकित वाधवा, दीपक जिंदल, राकेश अग्रवाल, अनिल चड्ढा, राजेंद्र उपाध्याय, चरनजीत सिंह खोखर, शशि भूषण उनियाल और आयुष चौधरी आदि उपस्थित रहे।
झबरेड़ा क्षेत्र में चलो अमरनाथ ट्रस्ट और मां वैष्णो देवी समिति के पदाधिकारियों ने कस्बे में छबील लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया। इस दौरान कुलदीप, अश्वनी, प्रदीप, टिंकू, व्रिकम, अशोक, नितिन और दिनेश आदि उपस्थित रहे।
गंगा दशहरा पर आरती और दीपदान
गंगा दशहरे पर मां गंगा सेवा समिति की ओर से सोलानी पुल के समीप गंगनहर में भव्य आरती का आयोजन किया गया। उसके बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दीपदान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया। ब्यूरो