माह-ए-रमजान के चौथे जुमे पर मंगलौर कस्बे में भारी उत्साह और धार्मिक उल्लास देखा गया। इस पवित्र दिन को खास बनाने के लिए कस्बे की जामा मस्जिद और इमाम बारगाहों में विशेष इंतजाम किए गए। सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बाल मुबारक (मू-ए-मुकद्दस) की जियारत रही। इसे देखने के लिए मोहल्ला किला स्थित अमजद काजमी के मकान पर अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
शुक्रवार सुबह से ही मंगलौर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से लोगों का मोहल्ला किला में आना शुरू हो गया था। जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं। रमजान के चौथे जुमे पर कस्बे में स्थित पवित्र ‘बाल मुबारक’ की जियारत के लिए हजारों की संख्या में जायरीन कतारों में लग गए। कई जायरीन पवित्र निशान की एक झलक पाकर भावुक हो उठे और आंखों में आंसू लिए दुआएं मांगते नजर आए। जियारत के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर आने वाली ईद की अग्रिम मुबारकबाद दी और बाजारों में जमकर खरीदारी की। जियारत करने वालों में डॉ. गुलबहार, अलीम काजमी, डॉ. अंजुम, काजी खालिद, काजी हारिस, डॉ. सुहैब, फहाद काजमी, अमजद काजमी, डॉ. शादाब, शाहवकार चिश्ती आदि हजारों जायरीन शामिल रहे।