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बरसात के साथ बीमारियों की दस्तक

Tue, 05 Jul 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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बरसात लाई बीमारियां - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बरसात शुरू होने के साथ जल जनित बिमारियों ने भी दस्तक दे दी है। इसी के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डायरिया, मलेरिया, वायरल, जुखाम और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। 
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बरसात से जहां एक ओर राहत मिली है। वहीं बरसात से जगह-जगह जमा पानी जल जनित बीमारियों का कारण बनने लगा है। बरसात के साथ मलेरिया के केसों में एकाएक बढ़ोत्तरी हो गई है। सिविल अस्पताल में आए दिन औसतन तीन-चार मरीज मलेरिया से पीड़ित आ रहे हैं। उल्टी-दस्त यानी डायरिया के केस भी बढ़ गए हैं। अस्पताल में मंगलवार को भी डायरिया से पीड़ित तीन मरीजों को भर्ती करना पड़ा है।

उल्टी दस्त की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी। वहीं बरसाती पानी की चपेट में आने से एलर्जी के मरीज भी बढ़ गए हैं। मौसम में परिवर्तन की वजह से जुखाम बुखार भी हो रहा है। यहां तक कि निमोनिया भी बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। यही वजह है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या में एकाएक 25 से 30 फीसदी मरीजों का इजाफा हो गया है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-पानी उबालकर इस्तेमाल करें
-खाने पीने की वस्तुओं को खुला न रखें
-बासी खाना न खाएं
-ज्यादा ठंडे पेय एवं खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
-पसीना आने पर मुंह न धोएं और न नहाए
-बरसाती पानी में न घुसें, इससे एलर्जी का खतरा है
-आसपास बरसाती पानी जमा न होने दें
-यदि बरसाती पानी जमा है तो उस पर मिट्टी तेल या किसी कीटनाशक दवा का छिड़काव कर दें ताकि मक्खी-मच्छर पैदा न हों। 

जमा पानी दे रहा बीमारियों का न्यौता
रुड़की। शहर और देहात क्षेत्रों में तमाम खाली प्लाटों में बरसाती पानी जमा है। यह जमा पानी जल जनित बीमारियों को न्यौता दे रहा है। 
शहर और देहात क्षेत्रों में स्थित प्लाट और क्षतिग्रस्त मार्गों में बरसाती पानी जमा हो गया है। जमा पानी में गंदगी के साथ ही मच्छर और मक्खी पैदा हो रहे हैं जिसके कारण मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। साथ ही डेंगू मच्छर के पैदा होने की आशंका बनी है।  साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अस्पताल में जल जनित बीमारी डायरिया, मलेरिया, एलर्जी, बुखार-जुखाम आदि के मरीजों की संख्या में 30 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो गई है। 
-डा. संजय कंसल, कार्यवाहक सीएमएस, सिविल अस्पताल रुड़की। 

बरसात के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी उबले पानी का सेवन करना चाहिए। बच्चे को कूलर आदि के सामने न सुलाएं। उल्टी-दस्त होने या फिर जुखाम-बुखार होने की स्थिति में तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। इस समय ज्यादा मरीज डायरिया, बुखार, जुखाम, निमोनिया और मलेरिया आदि के ही आ रहे हैं।
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डा. एके मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल रुड़की। 
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