पुलिस ने कलियर स्थित हज हाउस के पीछे से बरामद अधजले शव के रहस्य की गुत्थी को सुलझा लिया है। यह शव मुकर्रम निवासी मानक मजरा का नहीं था, बल्कि उसने एक विक्षिप्त की हत्या कर अपनी हत्या का नाटक रचा था। पुलिस ने मुकर्रम को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही इस मामले के मुख्य आरोपी मुकर्रम के साथ ही उसकी प्रेमिका को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप ने कलियर थाने में पत्रकारों को बताया कि 19 सितंबर को मिले अधजले शव के कपड़ों की तलाशी में एक आधार कार्ड मिला था। यह आधार कार्ड मुकर्रम (40 वर्ष) का था। तब मान लिया गया था कि लाश मुकर्रम की है। शुक्रवार को मुकर्रम के भाई शराफत की ओर से मुकर्रम की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। एसएसपी ने बताया कि एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल एवं सीओ रुड़की एसके सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने हत्याकांड की जांच शुरू की। पड़ताल के दौरान पता चला कि मुकर्रम का गांव की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब पुलिस ने मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि मुकर्रम जीवित है। जांच के दौरान पुलिस को मुकर्रम और उसकी प्रेमिका के इमलीखेड़ा रोड पर मानकमजरा तिराहे पर देखे जाने की जानकारी मिली। इस सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया।
कर्ज से छुटकारा और प्रेमिका से शादी था मकसद
एसएसपी ने बताया कि मुकर्रम ने पूछताछ में बताया कि उसके चार बच्चे हैं। वह फेरी लगाने के साथ ही तांत्रिक का भी कार्य करता है। तीन साल पहले गांव की अन्य संप्रदाय की एक युवती पर भूत-प्रेत का साया होने के संदेह में परिजन झाड़-फूंक को उसके पास लेकर आए। वह उसे इलाज के बहाने कलियर दरगाह लाता रहा। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गए। अब वे दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन प्रेमिका अलग धर्म की होने के कारण शादी मुश्किल थी। इसके अलावा उस पर कर्ज भी चढ़ गया था। प्रेमिका से शादी करने और कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने अपराध का रास्ता अपना लिया। इसके लिए उसने कलियर में अपनी ही कद काठी के विक्षिप्त भिखारी को खाना देना शुरू कर दिया। भिखारी के प्रभाव में आते ही वह 19 सितंबर को उसे हज हाउस के पीछे चरी के खेत में ले गया और पाठल से उसकी हत्या कर दी। चेहरे को जलाने के बाद उसने आईडी मृतक के कपड़ों की जेब में डाल दी।
प्रेमिका की काल डिटेल ने खोला राज
पिरान कलियर। मुकर्रम ने अपनी हत्या का नाटक बहुत चालाकी से रचा था, लेकिन अपनी एक गलती के कारण कानून के लंबे हाथ उस तक पहुंच ही गए। हालांकि उसने मोबाइल फोन के साथ ही सिम भी बदल दिया था, लेकिन प्रेमिका से फोन पर लगातार बात करना ही उसपर भारी पड़ गया। पुलिस ने हत्याकांड की जांच की तो संदेह हुआ कि कहीं हत्या के पीछे दूसरे धर्म की युवती से प्रेम प्रसंग ही तो कारण नहीं हैं। इसपर युवती के फोन की काल डिटेल खंगाली गई तो पाया गया कि मुकर्रम की मौत के बाद युवती की एक नंबर पर बार-बार बात हो रही थी जबकि पहले मुकर्रम से बात होती थी। इसके बाद सिम की आईडी व लोकेशन का पता लगाने से हत्या के रहस्य की परत-दर-परत खुलती चली गई।