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नोटबंदी के बाद बढ़ी स्वैप मशीन की डिमांड

Wed, 30 Nov 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
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नोट बंदी के बाद शहर की बैंक शाखाओं से स्वैप मशीन की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह कि एसबीआई मुख्य शाखा की ओर से 20 दिनों के भीतर लगभग 50 नई मशीनें लगाई गई। इसके अलावा 100 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। वहीं पीएनबी मुख्य शाखा की ओर से भी 25 मशीनें लगाई गई हैं, जबकि करीब इतनी ही मशीनों के लिए आवेदन आ चुके हैं। अन्य बैंकों में भी उपभोक्ता स्वैप मशीन के लिए आवेदन कर रहे हैं।
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नोटबंदी के बाद से शहर में प्लास्टिक मनी का उपयोग बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि छोटे व्यापारी भी अब स्वैप मशीन लगाने के लिए आगे आ रहे हैं। एसबीआई और पीएनबी सहित अन्य सभी बैंकों में पिछले कुछ दिनों से स्वैप मशीन की डिमांड में तेजी आई है। स्थिति यह है कि एसबीआई मुख्य शाखा की ओर से शहर और आसपास के क्षेत्रों में पहले करीब 150 मशीनें लगाई गई थी, जो अब दुगुनी हो गई हैं। एसबीआई मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक जयशंकर के अनुसार नोटबंदी के बाद करीब 50 नई मशीनें लगाई जा चुकी हैं, जबकि सौ से अधिक लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है। दूसरी ओर पीएनबी मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक खुर्शीद आलम का कहना है कि शहर में स्वैप मशीनों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन इस संबंध में लोग जानकारी ले रहे हैं। इससे न सिर्फ लोगों का व्यापार बढ़ेगा बल्कि पारदर्शिता भी आएगी। एसबीआई और पीएनबी के अलावा अन्य बैंकों में भी स्वैप मशीन की डिमांड लगातार बढ़ रही है।

करेंट एकाउंट होना है जरूरी
स्वैप मशीन लेने के लिए उपभोक्ता के पास करेंट एकाउट होना आवश्यक है। इसके अलावा टिन नंबर, पैन नंबर और एड्रेस प्रूफ की भी आवश्यकता होती है। बैंकों की ओर से स्वैप मशीन देने के बाद उपभोक्ता की ओर से हर माह लगभग 200 रुपये रेंट देना होता है।
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