देवस्थान तोड़ने के मामले में आखिकार डेढ़ साल बाद पुलिस ने ब्लॉक प्रमुखपति एवं सत्ताधारी विधायक ममता राकेश के करीब देवेंद्र अग्रवाल समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं डेढ़ साल बाद पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सुध लेने से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पुलिस के अनुसार शाहपुर निवासी बिजेंद्र कुमार की गागलहेड़ी रोड पर एक जमीन पर देवस्थान (समाधि) थे। आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख ऊषा अग्रवाल एवं क्षेत्रीय कांग्रेसी विधायक ममता राकेश के करीबी देवेंद्र अग्रवाल और उनके भाई रविंद्र, शाहपुर के पूर्व प्रधान युसुफ ने फर्जीवाड़ा कर जमीन अपने नाम कर ली थी। यही नहीं अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए मई 2015 में जमीन पर बनाए गए देवस्थान को भी तोड़ दिया था।
बिजेंद्र ने बताया कि उनकी ओर से तभी मामले में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मंाग की गई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इस दौरान कई थानाध्यक्ष समेत कई पुलिस के अधिकारी बदल गए, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। वह लगातार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाने के चक्कर काट रहे थे। जिस पर बुधवार को पुलिस ने सभी तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेसी विधायक के खासम-खास माने जानेा वाले देंवेद्र एंड पार्टी के खिलाफ मुकदमा वह भी डेढ़ साल बाद दर्ज होने पर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।