सहकारी संघ के एमडी की संदिग्ध हालत में हुई मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस एवं ग्रामीण आमने-सामने आ गए, लेकिन डीएम के समझाने के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने हामी भर दी।
मूलत:मोहितपुर रूप से रहने वाला अहसान चुडिय़ाला सहकारी संघ में एमडी के पद पर कार्यरत था। वह सहारनपुर की डिफैंस कॉलोनी में परिवार के साथ रहता था। बुधवार को अहसान की सहारनपुर में डिफैंस कॉलोनी में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिवार के लोग सहरानपुर पहुंचे। जिन्होंने शव को मोहितपुर गांव में लाकर उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इसी बीच भारी पुलिस अहसान के मकान पर पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों से अहसान का पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को देने को कहा, लेकिन परिजनों ने साफ इंकार कर दिया।
इतने में गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने भी शव को पोस्टमार्टम किए बगैर ही अंतिम संस्कार करने की अनुमति देने की मांग पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने कानून का हवाला देकर शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं देने की सूचना पर एसपी देहात श्रीकांत मिश्रा भी और अधिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने ग्रामीणों एवं परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद भी परिजन राजी नहीं हुए। बाद में परिजनों की वार्ता डीएम एसए मुरूगेशन से कराई गई, तब उनके समझाने पर परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई। रात के समय पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर रुड़की पहुंची।