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अज्ञात बीमारी से पशुओं की मौत, पशुपालकों में दशहत

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भगवानपुर क्षेत्र के मानकपुर आदमपुर गांव में पशुओं का इलाज करने पहुंची पशु विभाग की टीम। - फोटो : ROORKEE
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क्षेत्र में अज्ञात बीमारी से करीब 15 दिन में कई पशुओं की मौत हो गई। इससे पशुपालक दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग समय से पशुओं को खुरपका और मुंहपका की वैक्सीन लगा देते तो मौत नहीं होती। वहीं पशु विभाग का कहना है कि क्षेत्र में लगातार पशुओं को टीके लगाए जा रहे हैं। शीतमाला बीमारी की चपेट में आने से कुछ पशुओं की मौत हुई है। जिन पशुओं में इस बीमारी के लक्षण हैं उनका इलाज चल रहा है।
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कस्बे के कुंजा बहादरपुर, मानकपुर आदमपुर, चुड़ियाला, तेज्जुपुर, खेलपुर, रुहालकी, अमरपुर, बिनारसी, महेश्री, सिसौना, मानक मजरा आदि गांवों में 15 दिन के भीतर कई पशुओं की मौत हो गई। पशुपालक अनुभव एडवोकेट, अर्जुन, राजबीर, प्रमोद, जनेश्वर, महक सिंह, मुन्नू प्रधान, विनोद कुमार का कहना है कि क्षेत्र में कुछ ही दिन में 30 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। मरने वाले पशुओं में बच्चों की संख्या ज्यादा है जबकि बड़ी संख्या में पशु बीमार चल रहे हैं। इसको लेकर पशुपालकों में दहशत बनी हुई है। पशुओं को पहले बुखार आता है। इसके बाद मुंह से लार आनी शुरू हो जाती है। जब तक पशुपालक कुछ समझ पाते हैं पशुओं की मौत हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पशु विभाग ने पशुओं को समय से खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचने के लिए वैक्सीन नहीं लगाई जबकि उन्हें हर साल ये वैक्सीन लगाई जाती थी। यही वजह है कि इस बार पशुुओं की मौत हो रही है।
वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश गौर का कहना है कि पशुओं की मौत की जानकारी मिली है। जानकारी के बाद टीम को मौके पर भेजा गया है। बुधवार को एक टीम मातकपुर आदमपुर में भी भेजी गई है। टीम लगातार पशुओं को मुंहपका और खुरपका के टीके लगा रही है। फिलहाल पशुओं में शीतमाला बीमारी के लक्षण मिल रहे हैं। इसी बीमारी के चलते कुछ पशुओं की मौत हुई है। जिन पशुओं में इस बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं, उनका इलाज किया जा रहा है।
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