जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने सुनहेटी गांव में तीन दिन में प्रस्तावित भूमि पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले राजनीतिक दबाव में ब्लॉक प्रशासन की ओर से प्रस्ताव से इतर एक निजी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था।
सुनहेटी गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक आंगनबाड़ी भवन के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन कार्यदायी संस्था ब्लॉक की ओर से प्रस्ताव के विपरीत एक निजी जमीन पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण शुरू करा दिया गया था। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे थे, पर ब्लॉक के अधिकारी राजनीतिक दबाव में निर्माण कार्य नहीं रुकवा पा रहे थे जिसका खुलासा अमर उजाला ने किया तो अधिकारी हरकत में आए थे। बीडीओ धामीलाल ने निर्माण कार्य रोकने के आदेश जारी किए थे। मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका डाली गई जिस पर बीडीओ को तलब किया जा रहा है। अब बृहस्पतिवार को सीडीओ डा. मेहरबान बिष्ट के निर्देश पर एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल एवं डीडीओ पुष्पेंद्र सिंह चौहान बाल विकास एवं ब्लॉक के अधिकारियों के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने जांच में पाया कि प्रस्तावित भूमि पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है जबकि एक निजी भूमि पर निर्माण कार्य किया गया है। जांच के बाद ब्लॉक कार्यालय लौटते ही डीडीओ चौहान ने बीडीओ धामीलाल को तीन दिन में स्कूल की भूमि पर आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एबीडीओ राकेश न्याल, सीडीपीओ जुलेखा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
एबीडीओ समेत कई पर लटकी कार्रवाई की तलवार
सुनहेटी गांव में प्रस्तावित भूमि पर आंगनबाड़ी भवन के निर्माण का रास्ता तो अब साफ हो ही गया है, लेकिन अब पहले निजी जमीन पर आंगनबाड़ी भवन पर निर्माण कार्य शुरू कराने वाले अधिकारियों पर भी गाज की तलवार लटक चुकी है जिसकी चपेट में तत्कालीन बीडीओ राकेश न्याल और ग्राम विकास अधिकारी रणवीर सैनी पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में रणवीर सैनी को कार्रवाई के लिए पहले ही नोटिस भी जारी किया जा चुका है। कार्रवाई करने के लिए डीडीओ पुष्पेंद्र चौहान की ओर से बीडीओ को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। उधर निजी जमीन पर किए गए निर्माण के लिए ठेकेदार का पेमेंट भी रोक गया है।