एक फर्जी चेक के जरिये किसी व्यक्ति ने एक कंपनी के खाते में 8.92 लाख रुपये स्थानांतरित करवा दिए। धोखाधड़ी का पता चलने पर बैंक के मुख्य प्रबंधक ने कंपनी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सिविल लाइंस रुड़की के साथ हुई इस धोखाधड़ी का मुकदमा बैंक के मुख्य प्रबंधक राजीव कुमार ने कोतवाली सिविल लाइंस में दर्ज कराया है। पुलिस ने बताया कि एक कंपनी की ओर से स्वास्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम पर 16 अगस्त 2016 को 8,92,513 रुपये का एक चेक जारी किया था। यह चेक इलाहाबाद बैंक के नाम पर जमा होना था। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सिविल लाइंस रुड़की ने इस चेक को क्लीयर करते हुए उक्त राशी स्वास्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स नाम की कंपनी के एकाउंट में जारी कर दी लेकिन, बाद में कंपनी संचालकों ने बताया कि उनकी ओर से कोई चेक स्वास्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स नाम की किसी कंपनी को 8,92,513 रुपये का कोई चेक जारी नहीं किया है। जिस चेक नंबर से यह धनराशि उनके खाते से निकाली गई है।
उस नंबर का चेक मै. जयंत स्टील्स के नाम पर जारी किया है। उस चेक पर 27,441 रुपये की धनराशी लिखी गई थी। यह चेक अब भी कंपनी के पास है। उसे अब तक खाते में नहीं लगाया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। किसी ने जाली चेक तैयार कर यह धोखाधड़ी की है। मामले की छानबीन शुरू कर दी है।