रुड़की। शहर की रामनगर कालोनी मेें शनिवार दोपहर दो नकाबपोश बदमाशों ने एक आयरन स्टोर पर फायरिंग कर दी। बदमाशों के तमंचे से निकली गोलियां शटर में जा लगी और व्यापारी समेत कई कर्मचारी बाल-बाल बच गए। पलक झपकते ही बाइक सवार बदमाश फरार हो गए। घटना से रामनगर में दहशत फैल गई। हालांकि स्टोर मालिक ने किसी रंजिश से इनकार किया है, लेकिन फायरिंग को जमीनी विवाद या चौथ वसूली से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
रामनगर चुंगी के पास दुर्गा आयरन स्टोर के नाम से सरिया व लोहे की बड़ी दुकान है। शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे स्टोर मालिक योगेश अंदर ऑफिस में काम काज निपटा रहे थे। उनके छोटे भाई कपिल स्टोर के बाहर काम कर रहे मिस्त्री मजदूरों के पास ही खड़े थे। इसी बीच एक बाइक पर दो युवक आकर रुके और पीछे बैठे युवक ने तमंचे से स्टोर की तरफ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक गोलियां चलने से स्टोर व आसपास अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि गोलियां स्टोर के शटर में लगी। इससे पहले कि कोई माजरा समझ पाता, बाइक सवार बदमाश आंखों से ओझल हो गए।
चश्मदीदों के मुताबिक दोनों बदमाशों ने मफलर से अपने-अपने चेहरे ढके हुए थे। सूचना पर गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल मौके पर पहुंचे और बदमाशों की तलाश में शहर भर में नाकेबंदी कर चेकिंग की गई। लेकिन, बदमाशों का सुराग नहीं मिल पाया। पुलिस की पड़ताल में व्यापारी बंधुओं ने किसी पुरानी रंजिश से इनकार किया। पुलिस और एसओजी की टीमें जमीनी विवाद से लेकर चौथ वसूली तक के सभी एंगल खंगाल रही है।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी
बदमाशों का हुलिया पता करने के लिए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी भी खंगाले। फुटेज से बदमाशों की बाइक का नंबर पता करने का प्रयास भी किया जा रहा है। सीसीटीवी से सुराग मिलने पर पुलिस बदमाशों तक आसानी से पहुंच सकती है।
घटना पर संस्थाओं ने जताया आक्रोश
आयरन स्टोर पर दिनदहाड़े फायरिंग पर व्यापार मंडल समेत कई संगठनों ने आक्रोश जताया है। इसके लिए लचर कानून व्यवस्था को जिम्मेदारी ठहराया। सहयोग सेवा समिति के दीपक बत्रा, पंकज सतीजा, शादी लाल लखानी, अनूप कुमार, चंद्रप्रकाश, दीपक अरोड़ा आदि ने मुकदमा दर्ज कर बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
चार दिन पहले हुई थी लूट, केस तक दर्ज नहीं
रामनगर के प्रेमनगर में चार दिन पहले ही रिटायर्ड ब्लॉककर्मी चंद्रभान से लूट हुई थी। बाइक सवार दो बदमाश रिटायर्ड ब्लॉक कर्मी से डेढ़ लाख रुपये से भरा थैला लूट भागे थे। पीड़ित के बेटे तरुण कुमार ने गंगनहर कोतवाली में तहरीर भी दी। मगर पुलिस तहरीर मिलने से इनकार करती रही। मामले में कार्रवाई तो दूर अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया।