रुड़की। बैंक में आधार कार्ड जमा न होने पर सत्यापन का झांसा देकर खाते से 50 हजार की नगदी उड़ा ली। भारापुर भौंरी गांव से महिला अपनी बेटी का इलाज कराने रुड़की पहुंची थी। क्लीनिक में ही ठग का फोन आया और चंद मिनट में खाते से 50 हजार रुपये पार हो गए। तहरीर मिलने पर पुलिस ने मामला साइबर सेल को ट्रांसफर कर दिया।
भारापुर भौरी गांव से अर्चना अपनी बेटी प्रेरणा का इलाज कराने पश्चिम राजपूताना में एक क्लीनिक पर आई थी। इसी बीच अर्चना के मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई। खुद को बैंक की सत्यापन ब्रांच का अधिकारी बता रहे शख्स ने अर्चना को बताया कि आधार कार्ड जमा न होने के कारण उनका एकाउंट बंद किया जा रहा है।
इसके बाद झांसा दिया कि तत्काल वोटर आईडी और एटीएम की डिटेल दे सकते हो तो खाता बंद नहीं होगा। बेटी बीमार होने के कारण पहले से ही परेशान अर्चना ने कोड नंबर बता दिया। इसके बाद खाते से 50 हजार की नगदी साफ कर दी गई। ठगी का पता लगने पर अर्चना ने एसपी देहात को शिकायत की। जिसके बाद गंगनहर पुलिस ने पूछताछ के बाद मामला साइबर सेल देहरादून को ट्रांसफर कर दिया। एसएसआई महेश्वर पुर्वाल ने बताया कि मामला इंटरनेट से जुड़ा होने के कारण विवेचना साइबर सेल की ओर से की जाएगी।
रकम निकालने पर भी की कॉल
ठग ने कोड पूछकर किश्तों में रकम निकाली। पहली बार नगदी निकलने का मैसेज मोबाइल मिलने के बाद ठग ने दोबारा फोन किया और झांसा दिया कि उनका ऑनलाइन सत्यापन चल रहा है, वह मोबाइल पर आने वाले मैसेज को तत्काल डिलीट करती रहें। अर्चना ने ऐसा ही किया। 50 हजार रुपये निकलने के बाद उस मोबाइल नंबर पर संपर्क न होने पर ठगी का शक हुआ।