अमर उजला ब्यूरो
रुड़की। विवाहिता की मौत के मामले में कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने आई मां और बहन दुखी मन से दिल्ली लौट गई। आरोप है कि मुकदमा दर्ज करने के बजाय पुलिस ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। आंखों में आंसू लिए उन दोनों ने बताया कि पहले उनसे कहा गया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मुकदमा लिखा जाएगा। अब रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
दिल्ली के बलजीत नगर निवासी सावित्री देवी पत्नी प्यारे लाल शर्मा शुक्रवार को अपनी बेटी गीता के साथ रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली पहुंची। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अनीता का विवाह 1997 में ढंडेरा निवासी राजेश थपलियाल के साथ हुआ था। उसके ससुराली दहेज नहीं लाने पर उनकी बेटी को परेशान करते थे। 11 अगस्त 2018 को उनकी बेटी अनीता को ससुरालियों ने जहर देकर मार डाला था। इसके बाद उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। तब पुलिस ने यह कह कर टाल दिया था कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अब वह रिपोर्ट लेकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली सिविल लाइंस पहुंची थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आ गई है अब अनीता के हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया जाए। आरोप है कि इतना कहने पर कोतवाल साधना त्यागी भड़क गई। उन्होंने इसे पारिवारिक मामला बताते हुए मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया। आरोप यह भी है कि पुलिस ने दोनों मां-बेटी को कोतवाली से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद बिना मुकदमा दर्ज कराए मां-बेटी दुखी मन से लौट गई।
बीमारों की सेवा कर गुजारा करती हैं
दिल्ली से आई सावित्री देवी ने बताया कि पति की नौ साल पहले मृत्यु हो गई थी। तब से वह दिल्ली में रहकर बीमार व्यक्तियों की सेवा करने के बाद जो पैसे मिलते हैं, उससे गुजारा कर रही हैं। उन्होंने जमा पूंजी एकत्रित कर अपनी बेटी अनीता का विवाह किया था। वह दिल्ली में रहकर किसी तरह गुजारा कर रही थी कि बेटी की मौत ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। अब पुलिस से भी उन्हें इंसाफ नहीं मिल रहा है।
महिला की ओर से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। साथ ही मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
- मणिकांत मिश्रा, एसपी देहात