ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर। पांच साल पहले दहेज के लिए विवाहिता की हत्या करने के मामले में अपर जिला जज कोर्ट ने विवाहिता के पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
लक्सर एडीजे कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता भूपेश्वर ठकराल ने बताया कि लक्सर कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी विधवा शमीना पत्नी कासिम ने वर्ष 2007 में अपनी बेटी ताजो उर्फ तबस्सुम की शादी सुल्तानपुर निवासी इरफान पुत्र निजामुद्दीन के साथ की थी। शादी के बाद तबस्सुम के तीन बेटियां पैदा हुई थीं। 26 जून वर्ष 2014 में तबस्सुम की जहरीले पदार्थ खाने से मौत हो गई थी। मां शमीना ने बेटी के पति इरफान, ससुर निजामुद्दीन, सास सायरा, ननद गुलशाना और सुलताना के खिलाफ कोतवाली लक्सर में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में विवाहिता के पति, सास, ससुर के खिलाफ दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। लेकिन ननद पर आरोप साबित नहीं हो पाए थे। उसके बाद से इस मामले की सुनवाई लक्सर के अपर जिला जज कोर्ट में चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने कुल 14 गवाहों को कोर्ट में पेश किया था। सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे अंबिका पंत ने आरोपी पति इरफान, ससुर निजामुद्दीन और सास सायरा को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ ही दस-दस हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं, दहेज या आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तीनों को दोषमुक्त कर दिया गया है। शासकीय अधिवक्ता भूपेश्वर ठकराल ने बताया की कोर्ट के सजा सुनाने के बाद दोषियों को रुड़की जेल भेज दिया गया है।