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रुड़की तहसील में पीएम किसान सम्मान निधि के लिए 18 हजार किसान चिह्नित

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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रुड़की तहसील में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए अभी तक 18 हजार किसानों को चिह्नित किया जा चुका है। तहसील में किसानों के फार्म जमा कराने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। शासन के निर्देश पर लेखपाल अन्य काम छोड़कर योजना के फार्म तैयार कर रहे हैं। यह आंकड़ा 30 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, मंगलवार को एनआईसी की ओर से सॉफ्टवेयर में डिटेल दर्ज करने के लिए तहसील प्रशासन को चार आईडी जारी की गई। इसके तहत कंप्यूटर में डिटेल दर्ज करने का काम शुरू हो गया है। तहसील प्रशासन को 14 फरवरी तक सभी फार्मों की डिटेल दर्ज करनी है। इसके बाद 31 मार्च तक किसानों को पहली किश्त के दो हजार रुपये मिलेंगे।
केंद्र सरकार की ओर से हाल में पेश अंतरिम बजट में किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत दो हेक्टेयर या उससे कम कृषि भूमि वाले किसानों को एक साल में छह हजार रुपये खाते में ट्रांसफर किए जाने हैं, जबकि तीन किश्तों में यह राशि किसानों को मिलनी है। पहली किश्त के रूप में दो हजार रुपये जारी करने के लिए शासन की ओर से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत रुड़की तहसील में छह फरवरी से 39 लेखपाल अपने क्षेत्रों के गांवों में योजना के फार्म भरवा रहे हैं। हाथोंहाथ इन्हें सत्यापित भी किया जा रहा है। सभी फार्मों को भरवाकर उनकी जानकारी सॉफ्टवेयर में 14 फरवरी तक दर्ज करना है। इसके लिए लेखपाल सभी कार्य छोड़कर फार्म की औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। अब तक तहसील में 250 गांवों के 18 किसानों के फार्म भरवाए जा चुके हैं। तहसीलदार मंजीत सिंह ने बताया कि यह संख्या 30 हजार पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, साफ्टवेयर में डिटेल दर्ज करने का काम शुरू हो गया है।
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आईडी जारी करने में लेटलतीफी, कैसे पूरा होगा लक्ष्य
चयनित किसानों का आंकड़ा का 30 हजार तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है, लेकिन ये सभी फार्म 14 फरवरी यानी कल तक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में दर्ज हो पाएंगे, इसे लेकर संशय है। तहसील के अधिकारियों का कहना है कि एनआईसी की ओर से मंगलवार को ही चार आईडी उपलब्ध कराई गई है। चार कंप्यूटरों में डिटेल दर्ज की जा रही है। कोशिश है कि सभी फार्म नीयत तिथि तक सॉफ्टवेयर में दर्ज करा लिए जाएं।
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खाता नंबर और आईएफसी कोड के आधार पर ट्रांसफर होगी धनराशि
तहसीलदार ने बताया कि पात्र किसानों के फार्म में उनका खाता नंबर और बैंक का आईएफसी कोड भी दर्ज किया जाना है। दोनों डिटेल सॉफ्टवेयर में भी दर्ज किए जा रहे हैं। इसी के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से किसानों के खाते में सीधे धनराशि जारी की जाएगी।
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