अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। पाइप के गोदाम में चौकीदारी करने वाले चाचा-भतीजे की हत्या का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। शक पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा जिस तरह से हत्या को अंजाम दिया गया है उससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले किसी परिचित ने उन्हें खाने में कुछ मिलाकर दिया होगा, जिससे वह बेहोश हो गए। उसके बाद वारदात को अंजाम दिया।
बेलड़ी साल्हापुर गांव में केल्हणपुर रोड पर स्थित उत्तराखंड पंप एंड पाइप के गोदाम में चौकीदार इंद्र सिंह सैनी और उसके भतीजे मेघराज सैनी की शुक्रवार रात हत्या कर दी थी। शनिवार को पूरे दिन शेरपुर निवासी पीड़ित परिवार के घर में कोहराम मचा रहा। गांव में चर्चा है जिस तरह दोनों की हत्या को अंजाम दिया गया है उसे देखकर माना जा रहा है कि दोनों ने बदमाशों का कोई विरोध नहीं किया। घटना के तरीके से ऐसा लग रहा है कि रात को कोई चाचा-भतीजे से मिलने कोई परिचित जरूर आए है। उसने दोनों के खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया। उसे खाने से कुत्ता भी बेहोश हो गया। उसके बाद चाचा-भतीजे की हत्या कर दी होगी। हालांकि पुलिस हत्या की कड़ियां जोड़ने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उधर देर शाम पुलिस ने हत्या में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है तीनों गोदाम के कर्मचारी हैं।