ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी में लूट के प्रयास के मामले में पुलिस को सफेद रंग की उस एक्सयूवी की तलाश है, जिसका सीसीटीवी कैमरों की मदद से पीछा करते हुए पुलिस मेरठ के टोल प्लाजा तक पहुंच चुकी है। यही नहीं इस कार की तलाश में जुटी पुलिस के कदम लक्सर में उस समय ठिठक गए, जब एक सीसीटीवी में हूबहू कार चला रहे शख्स का हुलिया भी आरोपी से मिलता-जुलता नजर आया। सीओ चंदन सिंह ने बारीकी से पड़ताल की तो कार की हेडलाइट में अंतर पाया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने फर्जी प्लेट लगाकर सड़कों पर दौड़ रही इस कार को ट्रेस कर लिया है। जल्द ही पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकती है।
बीते सोमवार को दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर मालवीय चौक के समीप स्थित आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी में हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोला था। बदमाशों के चेहरे ऑफिस की सीढ़ियों पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। नकदी और गोल्ड नहीं मिलने पर बदमाश एक कर्मचारी के पर्स में रखी करीब नौ हजार की नगदी लेकर फरार हो गए। तभी से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस अब तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाल चुकी है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को पुलिस की कसरत उस समय उम्मीदों के साथ धराशायी हो गई, जब लक्सर में एक चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों की सफेद रंग की एक्सयूवी से मिलती-जुलती कार देखी गई। यही नहीं इस कार की सीट पर बैठे शख्स का हुलिया भी एक आरोपी से मिलता जुलता था। एक बार को पुलिस को लगा कि बड़ा सुराग मिल गया है। जानकारी मिलते ही सीओ चंदन सिंह मौके पर पहुंचे और बारीकी से पड़ताल की तो उन्होंने पाया कि आरोपियों की कार और सीसीटीवी की कार की हेडलाइट में अंतर है। इसके बाद पुलिस ने रुड़की में गणेशपुर चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कार की पहचान की। पुलिस को कार की लोकेशन मंगलौर और मुजफ्फरनगर से लेकर मेरठ से पहले टोल प्लाजा तक मिली, लेकिन इसके बाद कार किस रास्ते गायब हुई, यह जानने के लिए पुलिस मशक्कत कर रही है। पुलिस क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह का कहना है कि आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जल्द खुलासा किया जाएगा।