ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। एक उच्च शिक्षण संस्थान की छात्रा के एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के मामले में जांच अधिकारी की ओर से कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि छात्रा की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप आरोपी प्रोफेसर पर सही साबित हुए हैं। जांच अधिकारी की तरफ से इस मामले में पूरी फाइनल रिपोर्ट तैयार सीओ कार्यालय भी भेज दी गई है। जल्द ही यह रिपोर्ट सीओ कार्यालय से एसएसपी कार्यालय भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इस प्रकरण में आरोपी प्रोफेसर ने गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे लिया हुआ है।
रुड़की के एक उच्च शिक्षण संस्थान की एक छात्रा ने एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। छात्र ने अपनी पहचान गुप्त रखने के लिए तत्कालीन एसएसपी को मोबाइल पर मैसेज भेजकर शिकायत की थी। तत्कालीन एसएसपी ने मामले की जांच दो पुलिस उपाधीक्षकों की कमेटी गठित कर मामले की जांच कराई थी। टीम ने संस्थान में पहुंचकर पीड़ित छात्रा और आरोपी प्रोफेसर समेत छात्रा की सहपाठियों समेत कर्मचारियों के बयान दर्ज किए थे। टीम ने इस मामले में संस्थान की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली थी। बाद में इस मामले की जांच सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात महिला दारोगा मनसा ध्यानी को सौंपी गई थी। जांच अधिकारी ने इस मामले में पीड़ित छात्रा और उसके सहपाठियों के बयान दर्ज किए थे। इस मामले में आरोपी प्रोफेसर गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। करीब तीन माह तक इस मामले की जांच चल रही थी। तीन माह तक चली जांच के बाद जांच अधिकार ही मनसा ध्यानी ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट के कार्यालय भेज दी है। साथ ही मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में छात्रा ने जो आरोप प्रोफेसर पर लगाए थे, उनमें से अधिकतर आरोप जांच में सही पाए गए हैं। माना जा रहा है कि आरोप सही पाए जाने पर आरोपी प्रोफेसर पर पुलिस की तरफ से अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि, प्रोफेसर पर इस मामले में गिरफ्तारी पर स्टे है। जांच अधिकारी मनसा ध्यानी ने बताया कि चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। साथ ही सीओ कार्यालय में भी पूरी जांच रिपोर्ट भेज दी गई है।
दूसरी छात्रा प्रकरण में जांच अभी जारी
उच्च शिक्षण संस्थान की दूसरी छात्रा द्वारा डीन समेत छह प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न और जातीय भेदभाव के आरोप लगाए थे। इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने दो प्रोफेसरों पर केस दर्ज कर लिया था। इस मामले की जांच सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट कर रहे हैं। अभी तक इस प्रकरण में जांच चल रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस प्रकरण में जांच पूरी हो जाएगी।