सीपीयू के दो जवानों की सूझबूझ से घर से भटक कर लावारिस हालत में घूम रही तीनों बच्चियां परिजनों को मिल गई हैं। बच्चियों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने सीपीयू के जवानों का आभार जताया।
रविवार की शाम सीपीयू के हेड कांस्टेबल जाऊल हक और कांस्टेबल प्रणय राठी दिल्ली रोड स्थित गोल चक्कर के पास ड्यूटी कर रहे थे। इस बीच उन्हें तीन छोटी बच्चियां लावारिस हालत में घूमती दिखाई दीं। बच्चियों को देख दोनों जवानों को कुछ शक हुआ। इस पर वे दोनों बच्चियों के पास पहुंचे और घूमने का कारण पूछा। इस पर एक आठ साल की बच्ची ने बताया कि वह घर से बाहर निकले थे और भटक कर यहां पहुंच गए। अब उन्हें अपने घर का पता याद नहीं आ रहा है। दोनों जवानों ने बच्चियों से माता-पिता और घर का पता पूछा, लेकिन वह कुछ नहीं बता पाईं। इस पर सीपीयू के जवान उन्हें ई-रिक्शा में बैठाकर घर की तलाश करने लगे। इस बीच आठ साल की बच्ची को अपने पिता का मोबाइल नंबर याद आ गया। इस पर जवान जाऊल हक ने उस नंबर पर कॉल कर बच्चियों की जानकारी दी। जहां पता चला कि वे उनकी ही बच्चियां हैं और वे करीब दो घंटे से उनकी तलाश कर रहे हैं। इस पर सीपीयू के जवानों ने परिजनों को गणेशपुर पुल बुलाया। यहां बच्चियों ने परिजनों को पहचान लिया। इस पर बच्चियों को उनके सुपुर्द कर दिया। सीपीयू के जवानों ने बताया कि तीनों बच्चियां प्रीत विहार की रहने वाली थीं और घर से भटक कर गोल चक्कर पर आ गईं थीं।