एक दंपती ने स्क्रैप के कारोबार में मोटा मुनाफा बताकर और साझेदार बनाए जाने का झांसा देकर दो लोगों से 45 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद फोन बंद कर लिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित दंपती के मकान पर पहुंचे तो पता चला कि दोनों ट्रक में घर का सारा सामान लादकर रातोंरात फरार हो गए। पुलिस ने तहरीर पर जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के बेलड़ा गांव निवासी सुप्रित चौधरी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। इसमें बताया गया कि आशीष और उसकी पत्नी राधा निवासी साउथ ग्रीन सिटी बेलडी, साल्हापुर से उनकी काफी साल पुरानी जान पहचान है। आशीष ने अपना मकान बेचकर गंगोत्रीपुरम निकट शनिदेव मंदिर के पीछे, कान्हापुर में नया मकान लेने की बात उसे बताई थी।
आशीष और उसकी पत्नी राधा ने बताया था कि हरिद्वार स्थित एक कंपनी से वह स्क्रैप लेकर मुजफ्फरनगर स्थित एक लोहा कंपनी में सप्लाई का काम करता है। इसमें मोटा मुनाफा होता है। उसने सुप्रित को इस काम में साझेदार बनाने के लिए 25 दिसंबर 2024 को 30 लाख रुपये की रकम ली थी। उसने दो जनवरी 2025 से काम शुरू होने की बात कही थी।
आशीष ने बेलड़ी निवासी ललित से भी स्क्रैप के काम में साझेदार बनाने के लिए 15 लाख की रकम ली थी। जब उसने 31 दिसंबर 2024 को फोन किया तो उसका नंबर बंद मिला। उसकी पत्नी राधा का नंबर भी बंद मिला। उसने काफी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। जब उसने उसके मकान पर जाकर पूछताछ की तो पता चला कि वह ट्रक में सामान लादकर फरार हो गया है। पीड़ित ने इस बाबत पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इस मामले में आशीष और उसकी पत्नी राधा पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।