नगर निगम ने गांधी वाटिका में छोटी दीवार बनाकर उस पर रेलिंग लगाने का काम शुरू करा दिया है। वहीं इस निर्माण पर जलसंस्थान ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि गांधी वाटिका में बने ओवरहेड टैंक से जुड़ी राइजिंग लाइनें गुजर रही हैं।
नगर निगम के पास सिविल लाइंस के पॉश ऐरिया में गाधी वाटिका के नाम से कई बीघा संपत्ति है। इस भूमि पर जल संस्थान का ओवरहेड टैंक बना है और जमीन के नीचे राइजिंग लाइनें बिछी है। नगर निगम इस जमीन पर अपना मालिकाना हक बताता है। जबकि जलसंस्थान भी इस पर मालिकाना हक जताता है। करीब एक साल पहले नगर निगम ने इस भूमि पर महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित की थी। अब गांधी की मूर्ति के सामने छोटी दीवार बनाकर यहां रेलिंग लगाने का काम शुरू कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि नगर निगम धीरे-धीरे अपनी संपत्ति पर मालिकाना हक को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। उधर, जल संस्थान ने इस निर्माण पर आपत्ति जताई है। जल संस्थान के एई राजेश निर्वाल ने बताया कि निर्माण कार्यों पर आपत्ति जताते हुए विभागीय उच्चाधिकारियों एवं नगर निगम को पत्र दिया गया है। निर्माण स्थल के नीचे से जल संस्थान की राइजिंग लाइनें गुजर रही हैं। निर्माण कार्य से लाइनों के मरम्मत आदि का काम प्रभावित होगा। वहीं निगम के सहायक नगर आयुक्त का कहना है कि स्वच्छता के लिहाज से गांधी के मूर्ति स्थल का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इस जमीन पर कोई विवाद नहीं है। यह जमीन पहले से ही नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में है।