पीडब्ल्यूडी में जिला योजना के तहत हो रहे टेंडर के दौरान दो ठेकेदार पैसों के लेनदेन को लेकर आपस में ही भिड़ गए। आरोप है कि इस दौरान एक ठेकेदार ने दूसरे पर पिस्टल तानकर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। किसी तरह उसने भागकर अपनी जान बचाई। घटना से वहां मौजूद ठेकेदारों में अफरातफरी मच गई। मामले में एक ठेकेदार ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
भगवानपुर क्षेत्र के गांव छांगा माजरी निवासी कर्णपाल ने सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी में जिला योजना के तहत सड़कों के टेंडर हो रहे थे। कर्णपाल का कहना है कि उनके दो ठेकेदारों पर 15 लाख रुपये बकाया हैं। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान जब उन्होंने दोनों ठेकेदारों से अपनी रकम मांगी तो उन्होंने गालीगलौज और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि ठेकेदार यही नहीं रुके, उन्होंने जान से मारने की नियत से कर्णपाल पर लाइसेंसी पिस्टल तान दी। शोर सुनकर अन्य ठेकेदारों मौके पर पहुंचे तो दोनों जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए फरार हो गए। एसएसआई प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।