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आयशा मदर ऑफ उम्मत को प्रतिबंधित करने की मांग को प्रदर्शन

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उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की फिल्म आयशा मदर ऑफ उम्मत को प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने समाजसेवी डॉ. नैयर काजमी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल को राष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
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इस दौरान मुफ्ती मोहम्मद सलीम ने कहा कि इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की बीवी हजरत आयशा रजिअल्लाह को लेकर जो फिल्म वसीम रिजवी बना रहे हैं, उससे मुस्लिम समुदाय के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। इस्लाम में किसी भी प्रकार की फिल्म या चित्र को प्रदर्शित करना हराम है। इस तरह से उनके चरित्र पर फिल्म बनाने की इजाजत किसी को नहीं है। रहमानिया मदरसा के प्रधानाचार्य मौलाना अरशद कासमी और मौलाना अजहर ने कहा कि वसीम रिजवी समय-समय पर इस्लाम को निशाना बना रहे हैं, जो गलत है। डॉ. नैयर काजमी ने कहा कि हजरत आयशा के नाम पर बनी फिल्म में गलत तथ्यों को प्रदर्शित किया गया है। उनके जीवन को गलत तरीके से पेश करना पूरे इस्लाम को ठेस पहुंचाना है। इस दौरान डॉ. काजमी ने सिविल लाइंस कोतवाली में मुस्लिम समुदाय के लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने पहुंचाने का आरोप लगाकर तहरीर दी। मौके पर आतिफ रहमान, हाजी महबूब कुरैशी, हाजी रिजवान अहमद, आजम माहीगिर, कहकशां, यासमीन, राहत खान, महबूब मलिक, फिरोज खान, शहजाद खान, हाजी गुलफाम अली, शमशाद अहमद, मोहम्मद तबरेज, बाबर अंसारी, तंजीम अहमद निजामी, बशारत अली, सरफराज अली, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद समीर मौजूद थे।
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