चुनाव प्रक्रिया के तहत बुधवार को की गई नामांकन पत्रों की जांच के दौरान मंगलौर में कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी इस्लाम समेत डमी के रूप में भरे तीनों नामांकन निरस्त कर दिए गए। जिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। वहीं, रुड़की निगम के वार्ड दो में नामांकन शुल्क जमा नहीं करने को लेकर की गई जांच विवादों के घेरे में आ गई। वार्ड से दावेदारी में आ रहे अन्य प्रत्याशियों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा से शिकायत भी की। कुछ लोगाें ने प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने के भी आरोप भी लगाए। ऐसे में नामांकनपत्रों की जांच प्रक्रिया विवादों के घेरे में रही। इस बाबत जेएम ने बताया कि वार्ड दो में नामांकन करने वाले प्रत्याशी ने कुछ कागज दिखाए हैं। इसकी जांच की जा रही है। वहीं आरओ बिजेंद्र पाल ने कहा कि कागजों के आधार पर ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मंगलौर में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने पर विधायक काजी निजामुद्दीन सरकार पर जमकर गरजे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हार के डर से यह काम किया है। मंगलौर से कांग्रेस से पूर्व पालिका अध्यक्ष चौधरी इस्लाम ने नामांकन दाखिल किया था। इसके साथ ही दो अन्य पर्चे भी डमी प्रत्याशी के रूप में उनके द्वारा दाखिल किए गए थे। वहीं तीनों पर्चे निरस्त हो गए। काजी ने कहा कि अब भाजपा को पता था कि उनकी हार निश्चित है तो उन्होंने तीनों पर्चे निरस्त करवाए। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष एवं झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने कहा कि आगे के निर्णय के लिए हाईकमान से वार्ता की जाएगी।