अस्पताल में कंप्यूटर खराब, निराश लौटे लोग
तीन घंटे देरी से वैक्सीनेशन शुरू होने पर लोगों ने जताया रोष
करीब 300 लोगों को लाइन से निकलकर वापस जाना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। सिविल अस्पताल में रविवार को समय से तीन घंटे बाद वैक्सीनेशन होने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। यहां 18 और 45 प्लस से ऊपर वाले लोगों को कोविशिल्ड की पहली और दूसरी डोज लगनी थी, लेकिन कंप्यूटर खराब होने के चलते वैक्सीनेशन नहीं हो पाया। ऐसे में करीब 300 लोगों को लाइन से निकलकर वापस जाना पड़ा।
रुड़की में कोरोना वैक्सीन लगाने को लेकर अस्थिरता बनी हुई है। कभी वैक्सीन के नहीं होने के चलते सेंटर पर ताले लग जाते हैं तो कभी वैक्सीन की कमी के चलते सेंटरों की संख्या अचानक कम कर दी जाती है। रविवार को सिविल अस्पताल में वैक्सीनेशन होने की सूचना थी। इसके तहत लोग निर्धारित समय से पहले ही सेंटर पर पहुंचकर लाइन में लग गए थे। यहां पर 18 और 45 से ऊपर वाले लोगों को पहली और दूसरी डोज लगाई जानी थी। साथ ही रविवार को छुट्टी का दिन भी था। इसलिए अन्य दिनों की अपेक्षा यहां ज्यादा भीड़ थी। इसके बाद लोग शटर खुलने का इंतजार करते रहे। 11 बजे भी शटर नहीं खुलने पर लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान अंदर से स्टाफ ने बताया कि कंप्यूटर की खराबी के चलते काम शुरू नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोगों की बाहर लंबी लाइन लग गई। 12 बजे के बाद कंप्यूटर ठीक होने के बाद वैक्सीनेशन शुरू हुआ। इसके बाद लोगों ने वैक्सीन लगवाई। हालांकि इस दौरान करीब 300 लोग बिना टीका लगवाए ही लौट गए थे।
बुजुर्गों में दिखा ज्यादा रोष
सिविल अस्पताल में भले ही वैक्सीनेशन के बाद लोगों के बैठने के लिए व्यवस्था कर रखी हो, लेकिन लाइन में लगे लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यहां कहने के लिए टीनशेड डाला हुआ है, लेकिन हर दिन लाइन इससे बाहर तक लग जाती है। ऐसे में लोगों को घंटों धूप में लाइन में लगना पड़ता है। रविवार को लाइन में लगे बुजुर्ग सुखपाल और महेंद्र पाल का कहना था कि युवा तो लंबे समय तक खड़े रहते हैं, लेकिन बुजुर्गों से इतनी देर खड़ा नहीं हुआ जाता। बावजूद इसके आसपास कोई बैठने की व्यवस्था नहीं की गई है। अस्पताल प्रशासन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि बुजुर्गों के बैठने और पानी की व्यवस्था की जानी चाहिए, जबकि शहर के अन्य सेंटरों पर बुजुर्गों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
शहर के छह सेंटरों पर हुआ वैक्सीनेशन
रविवार को रुड़की में बीएसएम इंटर कॉलेज, मूलराज इंटर कॉलेज, गांधी महिला शिल्प इंटर कॉलेज, पुरानी तहसील स्थित प्राथमिक विद्यालय 14, हैल्पिंग हैंड और सिविल अस्पताल में दोनों आयु वर्ग को डोज लगाई गई।