ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर क्षेत्र में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की शिकायत की है। आरोप है कि जहरीले पानी से जीव-जंतु और फसलें प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है।
माडाबेला गांव निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में एक साल पहले से कंपनी लगी हुई है। गांव के पास से राजस्व विभाग की जमीन से पानी का सरकारी नाला बहता है। इससे आसपास के खेतों में से अतिरिक्त पानी बहकर सोनाली नदी में भी जाता है।
एक साल पहले तक उस नाले का पानी इतना साफ था कि क्षेत्र के किसान और आमजन उस नाले के पानी का प्रयोग कर लेते थे लेकिन जब से कंपनी लगी है पानी दूषित हो गया है। आरोप है कि कंपनी से रात के समय नाले में केमिकल युक्त पानी छोड़ा जाता है। इसके कारण नाले में रहने वाले जीव-जंतु मर गए हैं।
आरोप है कि पानी के जहरीले प्रभाव से क्षेत्र की फसलें भी नष्ट हो रही हैं। उन्होंने बताया कि फैक्टरी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं लगा है। इससे उसका दूषित पानी सिंचाई वाले नाले में छोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों ने सीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है।