गंगनहर में डूबकर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई विशाल सैनी की मौत के मामले में बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने पहले सीओ कार्यालय और फिर शाम को कोतवाली का घेराव किया। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस को आखिर हत्या का मुकदमा दर्ज करना पड़ा। रिपोर्ट दर्ज होने तक कार्यकत्रियां कोतवाली में ही डेरा जमाए हुए थीं।
चावमंडी निवासी विशाल सैनी की 28 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में गंगनहर में डूबकर मौत हो गई थी। उस समय उसके दो दोस्त भी साथ थे। परिजनों ने आशंका जताई थी कि दोस्तों ने ही उसे योजना के तहत गंगनहर में गिराया है। तब पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की, लेकिन कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ पाई। बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। इस बात की जानकारी जब विशाल के परिजनों को लगी तो वे भड़क गए।
विशाल सैनी की मां रेखा सैनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री हैं। नतीजतन बुधवार को बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सीओ रुड़की कार्यालय पर पहुंचीं और धरना प्रदर्शन करते हुए कार्यालय का घेराव कर दिया। सीओ से कोई ठोस आश्वासन मिलता न देख सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कोतवाली रुड़की पहुंचीं और और कोतवाली का घेराव शुरू कर दिया। इसके साथ ही कार्यकत्रियां दरी बिछाकर धरने पर बैठ गईं।
कार्यकत्रियों से वार्ता के बाद आखिर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक एमएस नेगी ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही आश्वासन दिया कि मामले की जो भी सच्चाई होगी, वह सामने लाई जाएगी। मुकदमे में विशाल के साथी कुश कुमार निवासी चावमंडी एवं राहुल निवासी मिलाप नगर को नामजद किया गया है। मुकदमा दर्ज होने तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कोतवाली में ही धरना देकर बैठी रहीं। पुलिस ने अब इस मामले की नये सिरे से छानबीन शुरू कर दी है।
इस मौके पर रेखा सैनी, सुनीता, पूनम त्यागी, उषा योगी, अनुराधा, मीनाक्षी कर्णवाल, कविता, छवि, ईशा, संगीता जैन, सुनीता, अलका, बाला देवी, रचना, सुमन, रीता, प्रमिला शर्मा, संध्या, प्रमिला पाल, प्रवेश, बबीता, अमिता शर्मा, रेखा, गंगोत्री, मिथलेश, निर्दोष, कल्पना, सुषमा प्रजापति, पूनम, रूबी शर्मा, इंद्रा, गीता, अनिता सैनी, अफरोज, मीता, साधना, नीलम शर्मा, कविता शर्मा आदि मौजूद रहीं।