फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सही डाटा तक फीड नहीं कर पाए बीएड कालेज

Wed, 30 Dec 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की। जिन बीएड कालेजों पर देश के लाखों स्कूलों और इंटर कालेजों के लिए शिक्षक बनाने का जिम्मा है। उनका शैक्षिक स्तर कितना ऊंचा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एनसीटीई की ओर से मांगे गए ऑनलाइन जीआईएस डाटा को फीड करने में ही अधिकांश कालेजों के पसीने छूट गए। हैरत की बात यह है कि जिन 2400 कालेजों ने एनसीटीई को ऑनलाइन डाटा भेजा है। उनमें से महज 175 संस्थानों का डाटा ही त्रुटिरहित पाया गया। वहीं 4000 कालेजों ने सूचना ही उपलब्ध नहीं कराई।
विज्ञापन

गौरतलब है कि देश में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से बीएड कालेजों को नियमानुसार मान्यता दी जा जाती है। हाल ही में एनसीटीई ने कालेजों के फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए सभी बीएड कालेजों से ऑनलाइन जीआईएस डाटा अपलोड करने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर सूचनाएं मांगी थी। इस डाटा के आधार पर एनसीटीई देश भर के बीएड कालेजों की लोकेशन सहित संपूर्ण वेबसाइट पर जारी करेगी। जयपुर स्थित एनसीटीई की उत्तर क्षेत्रीय समिति से जुड़े उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के करीब 6400 बीएड कालेजों को यह ऑनलाइन सूचनाएं 31 अक्तूबर तक भेजनी थी। लेकिन हैरत की बात यह है कि इनमें से मात्र 2400 कालेजों ने ही यह सूचना भेजी। इससे भी ज्यादा चौकाने वाली बात यह है कि जानकारी भेजने वाले कालेजों में से महज 175 कालेज ही आनलाइन प्रपत्र को ठीक से भर पाए हैं। जबकि 4000 कालेजों ने डाटा ही नहीं भरा। ऐसे में सवाल उठता है जिन शिक्षण संस्थानों पर देश के स्कूल-कालेजों के लिए शिक्षक बनाने का जिम्मा है। उनका खुद शैक्षिक स्तर कैसा होगा। परिषद के क्षेत्रीय निदेशक डा. एसके चौहान की ओर से कालेजों को जारी निर्देशों में बीएड कालेजों की इस स्थिति पर चिंता जताई है। माना जा रहा है कि एनसीटीई सूचना न भेजने वाले कालेजों के खिलाफ जल्द कड़ा कदम उठा सकता है।
-----------------
अब डाटा भरवाने के लिए देना पड़ रहा प्रशिक्षण
उत्तराखंड में 12 जिलों के लिए 28 व 29 जनवरी तिथि की तय
रुड़की। हार थककर एनसीटीई ने ठीक से डाटा नहीं भर पाने वाले कालेजों के लिए जयपुर क्षेत्रीय समिति कार्यालय में इसका प्रशिक्षण देने के लिए जीआईएस मेला लगाया है। यह मेला 28 दिसंबर से शुरू किया गया है। विभिन्न प्रदेशों के जिले के कालेजों को अलग-अलग तिथियों पर डाटा अपलोड करने की जानकारी दी जाएगी। क्षेत्रीय निदेशक डा. एसके चौहान की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार उत्तराखंड के अल्मोडा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, हरिद्वार और नैनीताल जिले के लिए 28 जनवरी तथा पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, ऊधमसिंहनगर एवं उत्तरकाशी जिले के लिए 29 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें