डूब गए युवक के परिजन विलापत करते हुए
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गंगा की तरफ घूमने गई दो बहनें और रिश्तेदारी में आया युवक बुधवार को डूबकर लापता हो गया था। इस दौरान गंगा में डूबे युवक का चचेरा भाई भी उनको बचाने के लिए गंगा में कूद गया और तेज बहाव में बहने लगा था। युवक को बहता देख उनके साथ गई उनके रिश्तेदार कक्षा छह की छात्रा लक्ष्मी ने अपनी चुन्नी बहते युवक को पकड़ा दी और उसे खींचकर गंगा से बाहर निकाल दिया। जिससे उसकी जान बच गई।
बुधवार को बाक्करपुर गाव निवासी सुदेश की बेटी ज्योति और विशाखा अपने रिश्तेदार अजीत उसके चचेरे भाई नितिन, लक्ष्मी, शबनम, पायल और पलक के साथ रामपुर रायघटी गांव के पास गंगा किनारे घूमने गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा किनारे अचानक विशाखा का पैर फिसल गया। जिससे वह गंगा में बह गई। उसको बचाने के लिए एक के बाद एक पहले ज्योति, उसके बाद उनका रिश्तेदार अजीत और फिर अजीत का चचेरा भाई नितिन भी गंगा में कूद पड़ा। विशाखा, ज्योति और अजीत गंगा में डूब गये थे लेकिन अजीत का चचेरा भाई नितिन पानी के तेज बहाव में बहता चला गया। यह देख साथ आई शबनम, पायल और पलक रोती चिल्लाती बचाव-बचाव पुकारती हुई गांव की ओर दौड़ पड़ी लेकिन ज्योति की बुवा की बेटी कक्षा छह की छात्रा लक्ष्मी बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थ्ीा। इसी बची करीब 100 मीटर दूरी पर पहुंचने के बाद गंगा के बहाव ने नितिन को गंगा के किनारे की ओर धकेल दिया। यह देख लक्ष्मी ने अपनी चुन्नी का एक सिरा नितिन की ओर गंगा में फेंक दिया जो गंगा में बह रहे नितिन ने पकड़ लिया। इसके बाद लक्ष्मी ने नितिन को खींचकर गंगा से बाहर निकाल लिया। अगर लक्ष्मी नितिन के साथ दौड़कर उसे गंगा से नहीं निकालती तो उसकी जान नहीं बच पाती।
गंगा में बहे तीनों का नहीं चला पता
सुल्तानपुर। रामपुर रायघटी गांव के पास गंगा में बही बाकरपुर गांव निवासी दो बहनें और हरियाणा निवासी उनके रिश्तेदार का अभी तक कहीं कोई पता नहीं लग पाया है। बृहस्पतिवार को सुबह से ही एसडीआरएफ के जवान ग्रामीणों और पुलिस बल के साथ गंगा में खोजबीन में जुटे हैं। बुधवार को तीनों रामपुर रायघटी गांव के पास गंगा में बह गए थे। बृहस्पतिवार सुबह एसडीआरएफ के जवानों और पुलिस बल ने तीनों की काफी तलाश की, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं लग पाया है।