पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक की ओर से तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी से सीमेंट के बैग बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद ही पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
लक्सर के सुखदेव एंक्लेव निवासी विवेक सिंह पुत्र जनेश्वर प्रसाद की ट्रांसपोर्ट कंपनी है। इस कंपनी के पास सीमेंट फैक्टरी से तैयार किए गए माल को डिपो तक पहुंचाने का टेंडर है। कंपनी ने एक जनवरी को रुड़की की कृष्णानगर कॉलोनी निवासी विक्रांत शर्मा पुत्र राजकुमार शर्मा को बराबर का हिस्सेदार बनाया था। विक्रांत शर्मा ने 15 और 20 फरवरी को दो गाड़ियों में बारह सौ सीमेंट के बैग हल्द्वानी व 18 फरवरी को एक गाड़ी में 600 बैग मुरादाबाद के लिए रवाना किए थे। आरोप है कि तीनों ही गाड़ियां डिपो पर नहीं गई। विवेक ने जानकारी ली तो पता चला कि विक्रांत ने अपने भतीजे निशांत शर्मा पुत्र नीरज शर्मा के साथ मिलकर एक कंपनी के फर्जी जीएसटी नंबर के आधार पर कुल 18 सौ बैग विकासनगर में मानव अरोड़ा नाम के व्यक्ति को बेच दिए हैं। इसकी जानकारी होने पर विवेक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए थे। कोतवाली हेमेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज करने के साथ ही मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।