लीज की संपत्ति के नवीनीकरण के नाम पर 20 लाख रुपये मांगने के मामले में पुलिस ने मेयर गौरव गोयल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में वायरल हुए एक कथित ऑडियो की भी बारीकी से जांच कर रही है। साथ ही ऑडियो को जांच के लिए लैब भेजने की तैयारी कर रही है।
शनिवार को रुड़की निवासी सुबोध कुमार ने सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उन्होंने लीज की संपत्ति के नवीनीकरण के लिए नगर निगम में आवेदन किया था, लेकिन लंबे समय तक नवीनीकरण के लिए बोर्ड बैठक नहीं बुलाई गई और जो बैठक बुलाई भी गई, उसमें उनका प्रस्ताव सम्मिलित नहीं किया गया। इसके चलते उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने 13 दिसंबर 2021 को दो माह के अंदर नगर निगम की बैठक बुलाकर इसका निस्तारण करने के आदेश दिए थे। 20 दिसंबर को हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में कार्यवाही की जानकारी लेने के लिए वे मेयर से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि मेयर ने 25 लाख रुपये देने के बाद ही लीज का नवीनीकरण करने की बात कही। इसके बाद फोन पर भी लीज नवीनीकरण के बदले रुपये की मांग की गई।
आरोप है कि आठ जनवरी को हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मात्र औपचारिकता के लिए बोर्ड बैठक बुलाई गई, लेकिन लीज नवीनीकरण के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया। तहरीर में पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो का जिक्र भी किया गया था, जिसमें की जा रही लेनदेन की बातें मेयर की ओर से कहे जाने का अरोप लगाया गया है। उन्होंने मेयर पर लाखों रुपयों की रिश्वत वसूली का प्रयास करने और भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर मेयर गौरव गोयल के खिलाफ अपने पद का दुरुपयोग कर लीज की संपत्ति का नवीनीकरण करने के नाम पर पैसे वसूलने की धमकी देकर बीस लाख की मांग करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस की ओर से बिना जानकारी लिए, बिना जांच किए, बिना किसी सबूत और तथ्यों के मुकदमा दर्ज करना एक बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। इस राजनीतिक षड्यंत्र में कुछ पूर्व अधिकारी भी शामिल हैं। ऑडियो की सत्यता की बारीकी से जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।
-गौरव गोयल, मेयर, रुड़की