रुड़की। कंप्यूटर सेल्स और सर्विस का कारोबार करने वाले एक व्यापारी को ऑनलाइन पार्ट्स मंगाना महंगा पड़ गया। कंप्यूटर के पुर्जे बनाने वाली तमिलनाडू की एक कंपनी ने कारोबारी से एक लाख रुपये अपने खाते में डलवा लिए। लेकिन महीना बीतने के बाद भी न पुर्जे भेजे और न रुपये वापस किए। अब कंपनी का एक अधिकारी मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी दे रहा है। पीड़ित व्यापारी की तहरीर पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
सिविल लाइंस की खान मार्किट में राजीव सैनी का कंप्यूटर सेल्स और सर्विस का कारोबार है। कई बार उन्होंने तमिलनाडू की एक कंपनी से कंप्यूटर के उपकरण मंगाए। ऑनलाइन ऑर्डर देने के बाद रकम कंपनी के एकाउंट में जमा करा दी जाती थी। खरीद फरोख्त का यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था। कारोबारी राजीव सैनी ने इस बार भी कुछ पार्ट्स का आर्डर देते हुए एक लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा कराए। एक माह बीतने के बाद ऑनलाइन जानकारी लेने पर पता चला कि सामान अभी तक नहीं भेजा गया। इस पर कारोबारी ने कंपनी के मार्केटिंग अधिकारी अरविंदम का मोबाइल नंबर जुटाकर बात की। आरोप है कि अब अधिकारी अरविंदम ने सामान भेजने और रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया है। बार-बार फोन करने पर तमिलनाडू में कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की भी धमकी दी जा रही है। ठगी की बात साफ होने पर कारोबारी ने सोमवार को परिचितों संग कोतवाली सिविल लाइंस में तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले की छानबीन शुरू कर दी है। कंपनी की वेबसाइट से भी जानकारी जुटाई जा रही है।