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बैरंग लौटी पैमाईश को पहुंची टीम

Tue, 16 Feb 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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मंगलौर। कोतवाली की जमीन पर विधायक के मालिकाना हक को लेकर सोमवार को एक टीम पैमाइश के लिए मंगलौर कोतवाली पहुंची। लेकिन पुलिस अधिकारी और विधायक पक्ष में से कोई भी कोतवाली नहीं पहुंचा। पुलिस ने किसी अधिकारी के मौजूद न होने का हवाला देते हुए टीम बैरंग लौट गई।
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मंगलौर कोतवाली के आसपास स्थानीय विधायक व बसपा कोटे से प्रदेश सरकार में मंत्री सरवत करीम अंसारी की जमीन है। विधायक का दावा है कि कोतवाली के भीतर भी उनकी कुछ जमीन है। पिछले दिनों अचानक यह मामला उछलने के बाद ठंडे बस्ते में चला गया था। अब अपर सचिव गृह अनुभाग ने डीएम हरिद्वार को आदेश दिया था कि एक टीम बनाकर जांच कराई जाए। डीएम ने चकबंदी विभाग की टीम बनाई है। सोमवार को आठ सदस्य वाली टीम कोतवाली मंगलौर पहुंची। जांच समिति के मुताबिक दोनों पक्षों को पत्र भेजकर कोतवाली बुलाया गया था। लेकिन एक तरफ से एसपी देहात तो दूसरी तरफ से विधायक भी कोतवाली नहीं पहुंचे। कोतवाली प्रभारी उत्तम सिंह जिम्मीवाल ने अधिकारियों की मौजूदगी में पैमाईश करने को कहा। इस पर टीम को बिना पैमाइश किए लौट गई। टीम में अनिल कुमार चकबंदी अधिकारी प्रथम, अनिल सिंघल सहायक चकबंदी अधिकारी, लेखपाल बंगाल सिंह, जयवीर सिंह, महेंद्र सिंह, अक्षय आदि शामिल रहे।

भाकियू बोली, एक इंच जमीन नहीं देंगे
मंगलौर। कोतवाली की जमीन को लेकर विवाद में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) पुलिस के समर्थन में उतर आई है। सोमवार को पैमाइश की सूचना पर भाकियू मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, विजय शास्त्री आदि कार्यकर्ता मंगलौर कोतवाली पहुंच गए। पदाधिकारियों ने साफ किया कि कोतवाली की इंचभर जमीन भी विधायक को नहीं लेने देंगे। मामला पुलिस और विधायक से जुड़ा होने के चलते पहले ही हाईप्रोफाइल बना हुआ था। अब भाकियू के कूदने से मामला और रोचक हो गया है।
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