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बंद रहती है बोगी, छूट जाती हैं ट्रेनें

Fri, 11 Dec 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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रुड़की। कहने को तो रुड़की रेलवे स्टेशन को ए-श्रेणी का दर्जा दिया गया है, लेकिन यहां आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। यही कारण है कि आए दिन रिजर्वेशन टिकट होने के बाद बावजूद यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। इस संबंध में आए दिन स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की जाती है। इसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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दरअसल लंबी की दूरी की अधिकांश ट्रेनें रुड़की में बमुश्किल दो मिनट रुकती हैं। इस दौरान अधिकांश ट्रेनों की रिजर्वेशन बोगी बंद होती है। वहीं प्लेटफार्मों पर डिस्प्ले बोर्ड की भी व्यवस्था नहीं होती है। ऐसे में यात्रियों को यह नहीं पता होता कि कौन से बोगी प्लेटफार्म पर किधर होगी। ट्रेन के आने पर यात्री अपनी बोगी खोजने के लिए इधर-उधर भागते हैं। इसमें कई बार ट्रेन रवाना हो जाती है और यात्री नीचे ही छूट जाते हैं। कई बार इस संबंध में यात्रियों ने स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक एसके वर्मा का कहना है कि समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रेनों में ड्यूटी देने वाले टीटी को ही यह निर्देश देने होंगे कि वह संबंधित स्टेशनों पर आरक्षित बोगियों को खुलवाए। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार जीआरपी और आरपीएफ के पहुंचने से पहले ही ट्रेन रवाना हो जाती है। साथ ही डिस्प्ले बोर्ड के लिए भी मुख्यालय को अवगत कराया गया है।

पीएनआर मशीन हो गई गुम
रुड़की स्टेशन के आरक्षण केंद्र में यात्रियों की सुविधाओं के लिए करीब चार साल पहले पीएनआर मशीन लगाई गई थी, जिससे यात्री अपने आरक्षण की स्थिति जान सके। स्थिति यह है कि लंबे समय तक यह मशीन खराब रही और अब स्टेशन से गुम ही हो गई है। इससे आए दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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सुविधाओं में घड़ी पर प्लेटफार्म से नदारद
रुड़की रेलवे स्टेशन पर पूछताछ कार्यालय के समक्ष एक बोर्ड लगा है, जिसमें स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं की जानकारी दी गई है। इसमें प्लेटफार्म नंबर एक पर घड़ी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है, लेकिन मौके से वह नदारद है। घड़ी की जगह सफाई संबंधी बोर्ड लगा दिया गया है।
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रुड़की स्टेशन पर विकलांगों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था तो है, लेकिन इसे एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। रैम नहीं होने से विकलांग और बीमार मरीजों को ले जाने में परिजनों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायतों के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई, नहीं लगाया शेड
रुड़की स्टेशन पर सभी प्लेटफार्मों की लंबाई तो बढ़ा दी गई, लेकिन ऊपर शेड नहीं लगाया गया। ऐसे में यात्रियों को मौसम की मार झेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

ए-ग्रेड पर आरक्षण विंडो एक
रुड़की रेलवे स्टेशन ए-ग्रेड में शामिल है, लेकिन यहां आरक्षण के लिए सिर्फ एक ही विंडो है। ऐसे में महिलाओं और पुरुषों को एक ही लाइन में लगना पड़ता है। कई बार भीड़ होने पर यात्रियों के साथ ही कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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