रुड़की। भाजपा के टिकट के पत्ते खुलते ही हरिद्वार जिले की 11 विधानसभा सीटों पर कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है। टिकट मिलने से जहां प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जगह-जगह आतिशबाजी कर खुशी मनाई वहीं टिकट न मिलने से कई दावेदारों और उनके समर्थकों में मायूसी छा गई है। रुड़की विधानसभा सीट पर टिकट न मिलने से नाराज पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन के समर्थक खुलकर पार्टी के विरोध में उतर आए हैं। झबरेड़ा, कलियर और मंगलौर विधानसभा सीटों पर भी अंदरखाने विरोध शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि खानपुर से कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, भगवानपुर से सुबोध राकेश और लक्सर विधानसभा सीट से संजय गुप्ता का टिकट तय माना जा रहा था। इसी वजह से यहां टिकट के लिए दावेदारों की संख्या भी अन्य विधानसभा सीटों से कम थे। रुड़की सीट पर पहले से सुरेश चंद जैन टिकट और प्रदीप बत्रा में टिकट के लिए रस्साकसी चल रही थी। अंतिम दिन तक दोनों टिकट के लिए आश्वस्त थे। लेकिन एनवक्त पर कांग्रेस से बागी होकर आए प्रदीप बत्रा को टिकट मिलते ही पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन के समर्थक सड़कों पर उतर आए। गुस्साए समर्थकों ने जगह-जगह भाजपा के झंडे आगे के हवाले किए। इसके अलावा मंगलौर, झबरेड़ा और कलियर में अंदरखाने बगावत शुरू हो गई है। कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले दावेदारों का आरोप है कि जिनका नाम तीन पैनल में शामिल था। उनमें पहले पैनल में स्थान वालों को भी टिकट नहीं दिया गया है। दावेदारों का आरोप है कि हाईकमान ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर टिकट जारी किए हैं। इससे कार्यकर्ता बेहद आहत हैं।
इस बार पति पर लगाया भाजपा ने दांव
झबरेड़ा। सुरक्षित सीट झबरेड़ा से पिछले चुनाव में 2012 में भाजपा की ओर से देशराज कर्णवाल की पत्नी वैजयंती माला को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वह चुनाव जीतने में सफल नहीं हुई थी। इस बार यहां से हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व सांसद राजेंद्र बाडी, आरएसएस से जुड़ी भारती सिंह समेत कई नेता टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन पार्टी की ओर से अब वैजयंती माला के पति देशराज कर्णवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। इससे साफ है कि टिकट लेने की लड़ाई में देशराज कर्णवाल पूर्व सांसद बाडी समेत अन्य दावेदारों पर भारी पड़े हैं। अब देखना यह होगा कि देशराज चुनावी दंगल में विरोधियों को मात दे पाते हैं या नहीं।