सुप्रीम कोर्ट ने जाति के नाम पर वोट मांगने को गलत ठहराया था।
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भले ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से जाति के नाम पर राजनीति नहीं करने की नसीहत दी गई है, लेकिन राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि इसे ठेंगा दिखा रहे हैं। शनिवार को इसका नजारा रुड़की के रामपुर क्षेत्र में भी दिखा, जहां झोझा बिरादरी की आमसभा के नाम पर खुलेआम जातिगत राजनीति का नजारा दिखा। मंच से खुलेआम जाति के नाम पर वोट मांगे गए और इस दौरान पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
रामपुर स्थित बारातघर में शनिवार की सुबह 12 बजे से झोझा बिरादरी की आमसभा बुलाई गई थी। रामपुर के पूर्व प्रधान भूरा की ओर से इसके लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से इजाजत भी ली गई थी।
आमसभा में सैकड़ों की संख्या में झोझा बिरादरी के लोग जमा थे। बैठक का मुद्दा था कि झोझा बिरादरी का रहनुमा कौन है? निशाने पर थे कलियर विधानसभा के विधायक फुरकान अहमद। फुरकान के खिलाफ वोट देने का आह्वान सभा में किया गया। सभा पूर्व विधायक शहजाद, हाजी इस्लाम आदि मौजूद रहे।
रामपुर गांव में प्रशासन को गलत सूचना देकर झोझा बिरादरी की बैठक बुलाई गई थी। इसमें पूर्व विधायक शहजाद को शामिल किया गया। बैठक में अधिकतर लोग बाहर के थे। इससे हमारे जनाधार पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। पहले भी बिरादरी का वोट मुझे मिला है और आगे भी मिलेगा।
-फुरकान अहमद, विधायक कलियर
शहजाद समेत तीन को नोटिस
मामले में देर शाम एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद समेत तीन लोगों को नोटिस जारी किया है। इसमें आमसभा के आयोजक पूर्व प्रधान भूरा, मोहम्मद शहजाद और हाजी तस्लीम शामिल हैं। एएसडीएम का कहना है जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।