पहले बोर्ड उपाध्यक्ष का तख्ता पलट कर अब कैंट बोर्ड में भाजपा की सरकार बन गई है। बृहस्पतिवार को बोर्ड उपाध्यक्ष के लिए हुए मतदान में भाजपा के प्रदीप अग्रवाल को चार मत मिले, जबकि कांग्रेसी माने जाने वाले राहुल को तीन मत हासिल हुए, हालांकि बोर्ड में कांग्रेस की ओर से सिंबल नहीं दिए गए। अलबत्ता भाजपा ने जरूर सदस्यों को सिंबल दिया था।
रुड़की कैंटोनमेंट बोर्ड में 14 सदस्य हैं, जिसमें सात सदस्य निर्वाचित हैं, जबकि सात को मनोनीत किया गया है। निर्वाचित सदस्यों को ही बोर्ड में मतदान का अधिकार दिया गया है। 14 अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव के बाद बोर्ड के उपाध्यक्ष दीपक अरोड़ा ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही नए उपाध्यक्ष को लेकर खींचतान चल रही थी। निर्वाचित सदस्यों में उपाध्यक्ष दीपक अरोड़ा के अलावा उनकी पत्नी मृदुला अरोड़ा और पांच अन्य सदस्यों में विपिन कुमार, राहुल, उपासना प्रकाश, संजय अग्रवाल और प्रदीप कुमार शामिल हैं। दीपक अरोड़ा और उनकी पत्नी को छोड़कर सभी पांच निर्वाचित सदस्यों ने अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में ही अविश्वास प्रस्ताव की मांग रखी थी। इसके बाद मतदान के लिए 14 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गई थी। इसके तहत अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए छह सदस्य कैंटोनमेंट बोर्ड पहुंचे। बोर्ड के उपाध्यक्ष दीपक अरोड़ा की पत्नी ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
इसके अलावा सभी पांच सदस्यों ने उनके विरोध में मतदान किया था। इसके बाद कमांडेंट ने अविश्वास प्रस्ताव को दो तिहाई बहुमत से पारित कर दिया था। अब बोर्ड के नए उपाध्यक्ष के लिए 20 अक्तूबर को दोबारा से चुनाव कराया गया। इससे पहले देर रात तक बोर्ड उपाध्यक्ष को लेकर खींचतान चलती रही। सुबह दस बजे से शुरू हुए मतदान में प्रदीप अग्रवाल को चार मत मिले। पूर्व बोर्ड उपाध्यक्ष और उनकी पत्नी मृदुला अरोड़ा के अलावा संजय अग्रवाल ने उनका साथ दिया। वहीं कांग्रेस के राहुल के पक्ष में तीन मत मिले। इन्हें विपिन कुमार और उपासना सिंह ने समर्थन दिया। इस प्रकार चार के मुकाबले तीन मतों से कैंट बोर्ड में भाजपा ने कांग्रेस को झटका दिया है। बोर्ड की बैठक में सदस्यों के साथ ही कैंटोनमेंट बोर्ड के अध्यक्ष और कमांडेंट बिग्रेडियर एसके कटारिया, कैंट बोर्ड के सीओ सेक्रेट्री अनंत आकाश आदि उपस्थित थे।