स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का भोजन बनाने वाली भोजनमाताओं ने दस से मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। इस संबंध में मंगलवार को बड़ी संख्या में एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा और धरना-प्रदर्शन किया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान भोजनमाताओं का कहना था कि उन्हें कड़ी मेहनत के बावजूद पूरा मेहनताना नहीं दिया जा रहा है। भोजन माताओं को हर साल रखा और हटाया जाता है। यह प्रक्रिया बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि भोजनमाताओं के तैनाती स्थल वाले विद्यालयों में उनके बच्चों के पढ़ने की अनिवार्यता की गई है, जो आदेश समाप्त किया जाए।
मिड-डे मील योजना में ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए। भोजनमाताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई के चलते उन्हें कम से दस हजार रुपये मानदेय प्रतिमाह दिया जाए। किसी भी कार्यरत भोजनमाता को राजनीति द्वेष पर न हटाया जाए। चूंकि भोजनमाताएं बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं और इस काम में उनके साथ भी कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है, इसलिए उनका 50 हजार रुपये का दुर्घटना बीमा किया जाए।
भोजनमाताओं ने चेतावनी दी कि यदि नौ जुलाई से उनकी सभी मांगों को नहीं माना गया तो वह दस जुलाई से हड़ताल करके देहरादून में विधानसभा भवन पर अनिश्चितकालीन धरना देंगी। इस मौके पर बाला देवी, काजल रानी, सुनीता, मीनाक्षी, आमना नजराना, संतोष, पार्वती, शहनाज, ओमवती, गंगादेवी, उर्मिला, माया आदि मौजूद रहे।