फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मरीज की सेवा के लिए तीमारदार का टेस्ट जरूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में भर्ती मरीजों की सेवा करने वाले तीमारदारों को अब अपना कोरोना का टेस्ट करवाना पड़ेगा। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही वे मरीज के पास जा सकेंगे। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
विज्ञापन

देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के साथ तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। स्वास्थ्य विभाग ने जहां बॉर्डर से लेकर सरकारी कार्यालयों में सैंपलिंग बढ़ा दी है तो वहीं बड़े स्तर पर कोरोना वैक्सीन लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। वहीं, सिविल अस्पताल प्रशासन ने भी कोरोना के निमयों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। मरीजों और तीमारदारों को मास्क व शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। शनिवार को सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने कोरोना की रोकथाम के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों से मिलने के लिए तीमारदारों को पहले कोरोना का टेस्ट करवाना होना।
तीमारदार की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उसे वार्ड में मरीज के पास जाने दिया जाएगा। इसके साथ ही बीच-बीच में मरीजों से मिलने आने वाले लोगों को भी तभी अंदर जाने दिया जाएगा, जब उनके पास निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट होगी। रिपोर्ट नहीं होने पर अस्पताल में रैपिड जांच करानी होगी। सीएमएस ने बताया कि कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी कोविड जांच कराने के लिए कहा जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों से सख्ती ने निपटा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें