पिरान कलियर। रुड़की देहात में आतंकी गतिविधियों में चार युवकों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने पिरान कलियर में छापेमारी की। जिसमें अलर्ट के बीच सेंधमारी की पोल खुलकर सामने आई। पता चला है कि तीन कश्मीरी युवक बिना आईडी प्रूफ गेस्ट हाउस में ठहरकर चले गए। अधिकांश गेस्ट हाउसों में नियम कानूनों की धज्जियां उड़ती मिली, मगर पुलिस ने हर बार की तरह जुर्माना लगाकर मामला रफा दफा कर दिया।
पंजाब के पठानकोट में आतंकी हमले के बाद अद्र्धकुंभ को देखते हुए जिले में अलर्ट घोषित किया गया था। इसी बीच पहले रुड़की और अगले दिन कलियर में दो बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए। पुलिस और खूफिया एजेंसियां सुरक्षा के तमाम दावे करती रही। मगर बुधवार को एटीएस की छापेमारी में इसकी पोल खुलकर सामने आ गई। एटीएस इंस्पेक्टर नीरज कुमार की अगुवाई में टीम ने 20 से ज्यादा गेस्ट हाउस खंगाले। पता चला है कि बीती 11 जनवरी की रात को कश्मीर के तीन युवक कलियर पहुंचे थे। इनमें एक का नाम मुश्ताक बताया गया है।
तीनों युवक बिना आईडी प्रूफ गेस्ट हाउस में ठहरे और अगले दिन चले गए। गंभीर बात ये है कि न तो गेस्ट हाउस संचालक ने आईडी प्रूफ लेने की जरूरत समझी, न पुलिस को इसकी भनक लगी। इसके अलावा अधिकांश गेस्ट हाउसों में सीसीटीवी, रजिस्टर आदि की खामियां निकलकर सामने आई। छापेमारी से गेस्ट हाउसों में हड़कंप मचा रहा। टीम में कलियर एसओ महेश जोशी की टीम और खूफिया विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहे।
यूपी की महिला व युवक से पूछताछ
एटीएस की छापेमारी में एक गेस्ट हाउस में यूपी की एक महिला और एक युवक मिला। गेस्ट हाउस संचालक ने एटीएस को बताया कि वह आठ दिन से ठहरे हुए हैं। जबकि दोनों ने सिर्फ दो दिन पहले ही कलियर आने का दावा किया। विरोधाभास सामने आने पर दोनों को कलियर थाने ले जाकर पूछताछ की गई। बाद में उनके परिजनों से संपर्क साधने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।