पुलिस ने बदमाश प्रवीण वाल्मीकि के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के पास से दो तमंचे और एक बाइक बरामद की है। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। वहीं, पुलिस फरार चल रहे वाल्मीकि के भतीजे समेत चार बदमाशों की तलाश के लिए वेस्ट यूपी में दबिश दे रही है। साथ ही वाल्मीकि के परिजनों से भी गहनता से पूछताछ कर रही है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित नंद विहार कॉलोनी निवासी परिचालक सुभाष कुमार को दस जून की शाम दो बदमाशों ने खिड़की में गोली मारी थी। जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। इस दौरान पुलिस ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली थी। पुलिस ने जांच की तो सामने आया था कि गोली मारने के पीछे चमोली जेल में बंद बदमाश प्रवीण वाल्मीकि का हाथ है। साथ ही पता चला था कि प्रवीण वाल्मीकि ने परिचालक से पांच लाख की चौथ और बहन का पता व मोबाइल नंबर मांगा था। इस पर परिचालक ने प्रवीण वाल्मीकि को चौथ व बहन का पता व मोबाइल नंबर देने से इनकार कर दिया था। चौथ मांगने में वाल्मीकि ने अपने भतीजे मनीष उर्फ बोलर, हिमांशु त्यागी और लाखन को परिचालक के घर भेजा था। इन तीनों ने वाल्मीकि की मोबाइल पर वीडियो कॉल से बात कराई थी। चौथ देने से इनकार करने पर वाल्मीकि ने शूटर फरमान पुत्र शरीफ निवासी विष्णुलोक कॉलोनी, थाना रानीपुर हरिद्वार और साबिर को सुपारी दी थी। इसके बाद दोनों परिचालक के घर पहुंचे थे। फरमान बाइक चला रहा था और साबिर ने परिचालक को गोली मारी थी। इस मामले में पुलिस ने परिचालक की पत्नी की तहरीर पर प्रवीण वाल्मीकि, भतीजे मनीष, हिमांशु और लाखन समेत दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। तभी से पुलिस बदमाशों की पुलिस तलाश कर रही थी। एसपी देहात नवनीत सिंह ने शनिवार को सिविल लाइंस कोतवाली में प्रेस वार्ता कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शूटर फरमान और हिमांशु त्यागी पुत्र चंद्रमोहन निवासी आदर्शनगर रुड़की को पुलिस और सीआईयू की टीम ने शुक्रवार की रात गंगनहर की पटरी से गिरफ्तार किया है। उनके पास से घटना में प्रयुक्त दो तमंचे बरामद व एक बाइक बरामद की है। जबकि फरार चल रहे बदमाशों की तलाश की जा रही है। इस दौरान सीओ चंदन सिंह बिष्ट, कोतवाली प्रभारी राजेश साह आदि मौजूद रहे।
फरमान एक माह पहले छूटा था जेल से
फरमान और साबिर का पुराना आपराधिक इतिहास है। दोनों प्रवीण वाल्मीकि के लिए काम करते हैं। कुछ माह पूर्व फरमान एक हत्या के मामले में जेल गया था। एक माह पूर्व ही वह जेल से छूटकर बाहर आया था। इसके बाद उसने साबिर के साथ मिलकर परिचालक की हत्या की सुपारी ली थी। इतना ही नहीं प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के सुपारी लेने वाले अंकित हुड्डा के साथ मिलकर वह काम कर रहा था।
शूटरों की फौज तैयार कर रहा वाल्मीकि
चमोली जेल में बंद बदमाश प्रवीण वाल्मीकि जिले में अपने शूटरों की फौज तैयार कर रहा है। वह अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए लगातार शहर में वारदात पर वारदात को अंजाम दिला रहा है। बताया जा रहा है कि वाल्मीकि के शूटरों की फौज में नए लड़के शामिल हो रहे हैं। जो छोटी मोटी रकम लेकर ही वाल्मीकि के काम को अंजाम दे रहे हैं। वहीं, पुलिस वाल्मीकि से जेल में मिलाई करने वालों और परिजनों पर नजर रख रही है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसएसआई रणजीत तोमर, एसआई नितेश शर्मा, सीआईयू प्रभारी रविंद्र सिंह, जाकिर हुसैन, कपिल देव, रविंद्र खत्री, नितिन व सुरेश रमोला मौजूद रहे।