अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान एंटी माइनिंग टीम पर हमला कर दिया। हमलावरों ने माइनिंग एजेंसी के कर्मचारियों को वाहन से बाहर खींचकर लोहे की राॅड और लाठी डंडों से पीट दिया। इस दौरान कर्मचारियों के वाहन को क्षतिग्रस्त करते हुए वाहन के शीशे तोड़ दिए गए। पुलिस ने दो नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
माइनिंग एजेंसी के फील्ड टीम इंचार्ज तेजा साईं राजू निवासी नागार्जुन नगर सत्तेन पल्ली जनपद पलनाडू आंध्र प्रदेश ने तहरीर में बताया कि 13 जुलाई को सुबह के समय उन्होंने चेकिंग के दौरान अवैध खनन से भरी दो ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को पकड़ा था। दोनों वाहनों को प्रशासन को सौंप दिया गया था। इस दौरान ट्रैक्टर स्वामी आरोपी दीपक चौहान ने ट्रैक्टर पकड़ने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया।
शाम के समय वह रायसी माइनिंग चेक पोस्ट पर चेकिंग कर रहे थे। शाम करीब 5 बजे उन्होंने खनन सामग्री से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राॅली को रोक लिया। मौके पर पहुंचे ट्रैक्टर स्वामी आरोपी शाहरुन ने अपने साथियों के साथ वहां पहुंचकर ट्रैक्टर के ओवरलोड न होने की बात कही और ट्रैक्टर-ट्राॅली का वजन कराने को कहा। इसपर वह अपनी टीम के साथियों के साथ वजन कराने के लिए धर्मकांटे पर जाने लगे।
मुंडाखेड़ा गांव के पास चालक ने ट्रैक्टर लेकर भागने का प्रयास किया। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्राॅली का पीछा कर उसे रोक लिया। आरोप है कि यहां मौजूद लोगों ने उनके वाहन पर लाठी - डंडों और ईंट-पत्थर से हमलाकर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्हें और वाहन चालक दीप सिंह को वाहन के बाहर खींचकर लाठी - डंडे और लोहे की राॅड से उनकी पिटाई की गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर आ गए।
इसपर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। आरोपी ट्रैक्टर भी अपने साथ ले गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी दीपक चौहान निवासी रायसी और शाहरुन निवासी ग्राम खेड़ी खुर्द व तीन अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में कार्रवाई की जा रही है।